Ram Navami Holiday UP 2026:मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और व्यापक धार्मिक आयोजनों को देखते हुए 26 मार्च के साथ-साथ 27 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। पहले केवल 26 मार्च को ही अवकाश तय था, लेकिन अब दो दिन की छुट्टी से प्रदेशभर में उत्साह और तैयारियां तेज हो गई हैं।
इस फैसले के तहत सरकारी कार्यालयों, कई शिक्षण संस्थानों और अन्य सरकारी सेवाओं में दोनों दिन अवकाश रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।
धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखकर निर्णय
रामनवमी के दौरान अयोध्या सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना रहती है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं और भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।
सरकार का मानना है कि अतिरिक्त अवकाश से प्रशासन को बेहतर तैयारी का समय मिलेगा और श्रद्धालुओं को भी सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रामनवमी को लेकर पुलिस और प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं।
अयोध्या, वाराणसी, मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में साफ-सफाई, सजावट और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
मथुरा से अयोध्या भेजा गया विशेष प्रसाद
रामनवमी के अवसर पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से भगवान श्रीराम के लिए विशेष प्रसाद अयोध्या भेजा गया है। इस प्रसाद में 11 मन (लगभग 440 किलोग्राम) धनिया की पंजीरी, सवा मन (50 किलोग्राम) लड्डू, वस्त्र और फल शामिल हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार, इस प्रसाद को सजे-धजे वाहन में भजन-कीर्तन के साथ अयोध्या रवाना किया गया। रामनवमी पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा भगवान को यह भोग अर्पित किया जाएगा।
प्रदेशभर में उत्साह का माहौल
रामनवमी को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। मंदिरों में विशेष सजावट की जा रही है और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। सरकार और प्रशासन दोनों मिलकर इस पर्व को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने में जुटे हैं।








