Shivpal Singh Yadav का भाजपा पर तीखा हमला: ‘शंकराचार्य का अपमान, मां गंगा का भी अनादर’

सपा नेता शिवपाल यादव ने माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोकने और प्रशासनिक नोटिस जारी करने को शंकराचार्य व मां गंगा का अपमान बताया है। उन्होंने भाजपा सरकार को जनविरोधी और संतों के प्रति असंवेदनशील करार दिया।

Shivpal Singh Yadav

Shivpal Singh Yadav News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए व्यवहार को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। यादव ने शनिवार को हिंदू विद्यालय के वार्षिकोत्सव के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा ने न केवल देश के प्रतिष्ठित शंकराचार्य का अपमान किया है, बल्कि यह पवित्र मां गंगा का भी अनादर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां और प्रशासन का रवैया संतों के प्रति असंवेदनशील है, जो सनातन परंपराओं के विरुद्ध है।

संतों के अपमान पर छिड़ा सियासी संग्राम

प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेले के दौरान ज्योतिष्पीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए जाने से रोके जाने का मामला अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। शिवपाल यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जो सरकार एक शंकराचार्य के लिए स्नान की उचित व्यवस्था नहीं कर सकती, वह जनता का क्या भला करेगी।

Shivpal Singh Yadav ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों को ‘झूठा’ करार देते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग ही विरोधाभासी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा:

“देश के चार प्रमुख शंकराचार्यों में से एक को इस तरह अपमानित करना निंदनीय है। यह सरकार केवल कागजों पर विकास की गिनती गिनाती है, लेकिन जमीन पर कानून-व्यवस्था और मर्यादा नाम की कोई चीज नहीं बची है।”

प्रशासन का नोटिस और बढ़ता विवाद

विवाद तब और गहरा गया जब मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को उनकी पदवी (शंकराचार्य) के उपयोग को लेकर नोटिस जारी किया। प्रशासन का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस उपाधि का आधिकारिक उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके जवाब में शिवपाल ने इसे ‘दिखावा और ढोंग’ बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा केवल धर्म के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब वास्तविक सम्मान देने की बात आती है, तो वह अपने अहंकार में संतों को भी नहीं बख्शती।

लोकतंत्र और भ्रष्टाचार पर घेरा

शंकराचार्य विवाद के साथ-साथ Shivpal Singh Yadav ने पंचायत चुनाव टालने की कोशिशों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव समय पर न कराना लोकतंत्र का अपमान है। प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि जनता अब इस सरकार के झूठ से ऊब चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

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