Sitapur Power Cut: सीतापुर में तेज आंधी और बारिश का असर जिले की बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। खराब मौसम के कारण कई जगह बिजली के तार और खंभे टूट गए, जिससे शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल की दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश की वजह से गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन लंबे समय तक बिजली गुल रहने से घरों में लगे बिजली के उपकरण पूरी तरह बंद रहे।
शहर के कई इलाकों में घंटों रही बिजली गुल
शहर के सिटी उपकेंद्र से जुड़े रोटी गोदाम फीडर के एबीडी कॉलोनी इलाके में सुबह करीब छह बजे घरेलू बिजली लाइन का तार टूट गया। उस समय रुक-रुककर बारिश हो रही थी, इसलिए कर्मचारियों को मरम्मत करने में काफी परेशानी हुई। करीब चार घंटे बाद सुबह दस बजे फाल्ट ठीक किया जा सका और बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हुई। इसी तरह प्रेमनगर फीडर की लाइन का जंपर टूट जाने से सिविल लाइंस, प्रेमनगर, बट्सगंज, वाल्दा कॉलोनी समेत करीब दस मोहल्लों की बिजली दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बंद रही। बिजली विभाग की टीम ने मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल की।
1975 गांवों में अंधेरा, टूटे कई बिजली के खंभे
बारिश और तेज हवा के कारण जिले के कई ग्रामीण इलाकों में भी बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। बिसवां वितरण खंड के भिठौली गांव में पेड़ गिरने से तीन बिजली के खंभे टूट गए। इसके अलावा कमलापुर में आठ, रेउसा में चार, हरगांव में पांच और मिश्रिख क्षेत्र में 12 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इन घटनाओं की वजह से जिले के अलग-अलग वितरण खंडों के करीब 1975 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बारिश थमने के बाद बिजली विभाग की टीमें लाइन की जांच में जुट गईं और खराबी दूर कर बिजली बहाल करने का काम शुरू किया।
नगवापेडी फीडर 20 घंटे से बंद
सरवा उपकेंद्र के नगवापेडी फीडर में बुधवार शाम से ब्रेकडाउन होने के कारण आसपास के गांवों के लोग काफी परेशान हैं। स्थानीय निवासी अनिल, राजेश, अमित और विनोद ने बताया कि फीडर पिछले 20 घंटे से ज्यादा समय से बंद है। उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
बिजली न होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
लंबे समय तक बिजली नहीं आने से घरों में लगे फ्रिज, टीवी, कूलर, पंखे और समर पंप पूरी तरह बंद हो गए। इससे लोगों को पीने के पानी की भी परेशानी झेलनी पड़ी। रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विभाग ने बताया जल्द होगा समाधान
अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि नगवापेडी फीडर की बिजली लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। इसी वजह से बार-बार खराबी आ रही है और आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में लगी हैं और जल्द से जल्द सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
