Illegal Construction: मेरठ सेंट्रल मार्केट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण हटाने और सैकड़ों अतिक्रमण हटाने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के सेंट्रल मार्केट में 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण हटाने और 815 मकानों के सामने किए गए अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। फैसले के बाद प्रशासन और नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जल्द अभियान चलाया जाएगा।

Illegal Construction: उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने 44 सील की गई संपत्तियों पर हुए अवैध निर्माण को हटाने के साथ-साथ 815 मकानों के सामने किए गए अतिक्रमण को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के फैसले के बाद मेरठ प्रशासन और नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है।

44 सील संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि और नियमों के विपरीत किए गए निर्माण को किसी भी स्थिति में जारी नहीं रहने दिया जा सकता। अदालत ने पहले से सील की गई 44 संपत्तियों पर हुए अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों से भविष्य में दोबारा ऐसे निर्माण रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

815 मकानों के सामने से हटेगा अतिक्रमण

अदालत ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र के 815 मकानों के सामने किए गए अतिक्रमण को भी हटाने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर हुए अवैध कब्जों के कारण लंबे समय से यातायात बाधित हो रहा था और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई की तैयारी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और प्रभावित लोगों को नियमानुसार पूर्व सूचना देकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मेरठ में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन अदालत के आदेश को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू करता है।

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