All India Permit Rules Changed: उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने ऑल इंडिया परमिट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दमन-दीव, मध्य प्रदेश या अन्य राज्यों में पंजीकृत बसें मनमाने तरीके से यूपी में यात्रियों को नहीं बैठा सकेंगी।
अब ऐसी बसों को अपने पंजीकरण वाले राज्य से ही यात्रियों को लेकर यात्रा शुरू करनी होगी। साथ ही, उन्हें अधिकतम 60 दिनों के भीतर उन्हीं यात्रियों को वापस लेकर अपने राज्य लौटना होगा। सरकार का मानना है कि इससे नियमों का सही पालन सुनिश्चित होगा।
लंबे समय से चल रहा था यह तरीका
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लंबे समय से ऐसी लग्जरी बसें चल रही थीं, जिनका रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्यों में था। इन बसों के पास ऑल इंडिया परमिट होने के कारण वे एक राज्य से दूसरे राज्य तक यात्रा कर सकती थीं।
हालांकि, जांच में यह सामने आया कि कई बस ऑपरेटर इस सुविधा का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर नियमित सवारी ढोने के लिए कर रहे थे। इससे राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान होने की आशंका भी बनी रहती थी।
सरकार की चिंता क्यों बढ़ी
परिवहन विभाग के अनुसार, कुछ राज्यों में वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया आसान है और वहां टैक्स भी अपेक्षाकृत कम लगता है। इसी वजह से कई बस मालिक अपने वाहन उन राज्यों में रजिस्टर करा लेते हैं और फिर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में लगातार संचालन करते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में ऐसे वाहनों का भी पंजीकरण किया गया, जो पूरी तरह तकनीकी मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। इससे सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े हुए।
ऑनलाइन टिकटिंग बनी चुनौती
आजकल कई निजी बस ऑपरेटर ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए टिकट बेचते हैं। इसके बाद रास्ते में स्थानीय यात्रियों को भी बैठा लिया जाता है। परिवहन विभाग का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है, इसलिए ऐसे मामलों की निगरानी करना आसान नहीं होता।
कम जुर्माने से नहीं लग रहा था डर
अधिकारियों के मुताबिक, नियम तोड़ने पर अधिकतर मामलों में केवल 10 हजार रुपये तक का चालान किया जा सकता है। यह राशि काफी समय से नहीं बढ़ाई गई है। जबकि कई अन्य राज्यों में इसी तरह के मामलों में 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
यही कारण है कि कुछ ऑपरेटर इसे सामान्य व्यवसायिक जोखिम मानकर नियमों का उल्लंघन करते रहे हैं।
यात्रियों को क्या होगा फायदा
नई व्यवस्था का असर सबसे ज्यादा उन बस संचालकों पर पड़ेगा जो दूसरे राज्यों में वाहन पंजीकृत कराकर यूपी में स्थायी रूप से बसें चला रहे थे। शुरुआत में कुछ रूटों पर बसों की संख्या प्रभावित हो सकती है, लेकिन विभाग का दावा है कि इससे वैध ऑपरेटरों को लाभ मिलेगा।
यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बसों की निगरानी बेहतर होगी और सुरक्षा नियमों का पालन अधिक सख्ती से कराया जा सकेगा।
विशेष जांच अभियान की तैयारी
परिवहन विभाग ने अनियमित तरीके से चल रही प्राइवेट लग्जरी बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। इस अभियान में बसों के परमिट, पंजीकरण, टैक्स, फिटनेस और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
सरकार का कहना है कि ऑल इंडिया परमिट का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए, जिसके लिए यह व्यवस्था बनाई गई थी। नए नियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


