Anti Corruption Action: उत्तर प्रदेश सरकार अब भ्रष्टाचार के मामलों में और सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। आय से अधिक संपत्ति रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की योजना बनाई जा रही है। हाल ही में रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार के मामले ने सरकार और जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी में बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति मिलने के बाद सरकार ने ऐसे दूसरे मामलों की भी गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की जांच में जिन अधिकारियों के खिलाफ मजबूत सबूत मिले हैं, उन पर जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
पुख्ता सबूतों पर कार्रवाई
सरकारी सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस की जांच में जिन अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं, उन्हें सबसे पहले कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। सरकार ऐसे मामलों की पूरी जानकारी जुटा रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कदम उठाए जा सकें। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। सरकार इस अभियान के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ अब पहले से ज्यादा कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही लोगों को भी भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि ऐसे मामलों का समय पर खुलासा हो सके।
35 करोड़ की संपत्ति
रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार के घर पर हुई विजिलेंस की छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक अब तक करीब 35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति का पता चल चुका है। पहले चरण की कार्रवाई में 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, 1.62 करोड़ रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच अधिकारी अभी भी जब्त किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इतनी बड़ी संपत्ति मिलने के बाद जांच टीम भी हैरान है और मामले को हाई प्रोफाइल मानकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
जांच का दायरा बढ़ा
जांच के दौरान ललित कुमार के नाम पर तीन कृषि प्लॉट होने की जानकारी भी सामने आई है। इनकी कीमत का आकलन कराया जा रहा है, जबकि कुछ अन्य संपत्तियों की भी जांच जारी है। विजिलेंस जल्द ही उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। यदि वह अपनी आय के अनुरूप संपत्ति का संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए तो उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। वहीं आयकर विभाग भी मामले में अपनी अलग जांच शुरू करने की तैयारी में है। इससे साफ है कि जांच कई एजेंसियों के स्तर पर आगे बढ़ रही है।
पासपोर्ट जब्त करने की तैयारी
जांच एजेंसियां यह भी सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आरोपी जांच के दौरान देश छोड़कर न जा सके। इसी वजह से रिटायर्ड एआरटीओ का पासपोर्ट जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में आय से अधिक संपत्ति रखने वाले कई अन्य अधिकारियों पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।









