Yogi Adityanath ने रविवार देर शाम अपनी सरकार के नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। इन आठ मंत्रियों ने पिछले रविवार को शपथ ली थी, लेकिन उन्हें विभाग नहीं दिए गए थे। अब सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक से ठीक पहले सभी मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। लंबे इंतजार के बाद विभाग मिलने से नए मंत्रियों ने भी अपना कामकाज संभालने की तैयारी शुरू कर दी है।
भूपेंद्र चौधरी को मिला MSME विभाग
सूत्रों के मुताबिक नए कैबिनेट मंत्री Bhupendra Chaudhary को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग प्रदेश में रोजगार और छोटे उद्योगों से जुड़ा अहम विभाग माना जाता है।
वहीं समाजवादी पार्टी से अलग होकर सरकार के साथ आए विधायक Manoj Pandey को खाद्य, रसद और नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। यह विभाग राशन व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है।
कई मंत्रियों को मिला स्वतंत्र प्रभार
सरकार ने कुछ नए मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार भी दिया है। Ajit Singh Pal को खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी स्वतंत्र प्रभार के साथ मिली है। इसके अलावा Somendra Tomar को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी विभागों का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।
अन्य मंत्रियों को भी मिली जिम्मेदारी
Krishna Paswan को पशुधन और दुग्ध विकास विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है। वहीं Kailash Singh Rajput को ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली है।
Suresh Diler को राजस्व विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है। साथ ही Hansraj Vishwakarma को MSME विभाग में राज्यमंत्री का प्रभार दिया गया है।
राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विभाग बंटवारे में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई है। खासतौर पर मनोज पांडे को अहम विभाग देकर सरकार ने राजनीतिक संदेश देने की भी कोशिश की है।
अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर रहेगी, जहां नए मंत्री पहली बार अपने विभागों के साथ बैठक में शामिल होंगे।









