UP Data Center Policy 2026: उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर बनने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दे दी गई। सरकार का उद्देश्य राज्य को देश का प्रमुख ग्रीन और एआई आधारित डेटा सेंटर हब बनाना है। इस नई नीति के जरिए प्रदेश में आधुनिक डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे आईटी क्षेत्र को नई ताकत मिलेगी।
बड़े निवेश का लक्ष्य
सरकार ने इस नीति के तहत 2 गीगावाट अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की संभावना जताई गई है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो उत्तर प्रदेश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
युवाओं को मिलेंगी नौकरियां
सरकार का कहना है कि नई नीति लागू होने के बाद प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का डेटा सेंटर नेटवर्क तैयार होगा। इसके आसपास आईटी कंपनियां, क्लाउड सर्विस, डिजिटल सेवाएं और तकनीक से जुड़े दूसरे उद्योग भी विकसित होंगे। अनुमान है कि करीब 7,500 लोगों को स्थायी नौकरी मिलेगी, जबकि डेटा सेंटर के निर्माण के दौरान लगभग 50 हजार लोगों को अस्थायी रोजगार मिलेगा। इसके अलावा बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं और छोटे कारोबारियों को भी फायदा होगा।
बुंदेलखंड और पूर्वांचल पर खास ध्यान
सरकार ने इस नीति में क्षेत्रीय संतुलन को भी महत्व दिया है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में निवेश बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का फैसला किया गया है। इससे इन क्षेत्रों में नए उद्योग लगने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े डेटा सेंटर बनने के बाद होटल, परिवहन, इंटरनेट, बिजली, सुरक्षा और खानपान जैसी सेवाओं का भी तेजी से विस्तार होगा।
ग्रीन और एआई तकनीक को बढ़ावा
प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि नई नीति भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऊर्जा की बचत और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही टियर-3 और टियर-4 डेटा सेंटरों को भी बढ़ावा देने का प्रावधान रखा गया है। इससे बिजली की खपत कम होगी और कम कार्बन उत्सर्जन वाली आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
पहले भी मिले अच्छे परिणाम
सरकार के अनुसार, वर्ष 2021 में लागू की गई डेटा सेंटर नीति से अच्छे नतीजे मिले थे। बाद में वर्ष 2022 में इसमें कुछ बदलाव भी किए गए। उसी नीति के तहत 21,343 करोड़ रुपये के निवेश वाली छह डेटा सेंटर पार्क और दो अन्य डेटा सेंटर परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इनमें से सात परियोजनियां अब काम भी कर रही हैं। नई नीति के जरिए सरकार इस सफलता को और आगे बढ़ाना चाहती है।
इन क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर
नई डेटा सेंटर नीति का फायदा केवल इंजीनियरों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके चलते आईटी, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेशन, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा मैनेजमेंट, तकनीकी सहायता, सुरक्षा सेवाएं, भवन रखरखाव, हाउसकीपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर करियर बनाने का मौका मिलेगा।
