Branding and marketing: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जल्द ही स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की पहुंच देश के प्रमुख बाजारों तक होगी। इस महत्वपूर्ण योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में न केवल महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हुई, बल्कि ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति बनी।
मनरेगा भुगतान और पारदर्शी प्रणाली पर ज़ोर
उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मनरेगा श्रमिकों के बकाया भुगतान को शीघ्र कराने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिया कि श्रमिकों के मानदेय के लिए आवश्यक धनराशि जल्द ही जारी कर दी जाएगी। भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए ‘एसएनए स्पर्श प्रणाली’ (समायोचित प्रणाली एकीकृत शीघ्र हस्तांतरण) को और अधिक सशक्त और सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा की गई, ताकि लाभार्थियों के खातों में पैसा बिना किसी देरी के पहुंच सके।
‘लखपति दीदी’ अभियान और उत्पादों की ब्रांडिंग
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विशेष उत्पाद केंद्रीय मंत्री को भेंट किए। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इन उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग की एक ठोस व्यवस्था की जाए। केंद्रीय मंत्री ने ‘लखपति दीदी’ अभियान की सराहना करते हुए इसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
आवास योजना और सड़कों का विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उत्तर प्रदेश में सर्वे कार्य पूरा होने की जानकारी दी और केंद्र से जल्द ही राज्य का लक्ष्य आवंटित करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द ही आवास आवंटन का लक्ष्य जारी करने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 250 की आबादी वाले छोटे गांवों और मजरों तक पक्की सड़कों के विस्तार के प्रस्ताव पर भी केंद्र ने अपनी सहमति के संकेत दिए हैं। इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास कार्यों में अब और तेजी आएगी।
