UP Gratuity Hike for Teachers:उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। एडेड माध्यमिक स्कूलों में काम करने वाले स्टाफ की ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा अब बढ़ा दी गई है। पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से करीब ढाई लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने वाला है।
कब जारी हुआ आदेश
सरकार की तरफ से 16 मार्च 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इस आदेश के बाद अब सेवानिवृत्त होने वाले या किसी कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में मिलने वाली ग्रेच्युटी बढ़ी हुई दर से दी जाएगी। इससे कर्मचारियों को आर्थिक रूप से ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।
महंगाई भत्ते से जुड़ा फैसला
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह बढ़ोतरी महंगाई भत्ते यानी DA के 50 प्रतिशत होने की स्थिति में लागू की गई है। जब महंगाई भत्ता इस स्तर पर पहुंचता है, तो नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने का प्रावधान होता है। इसी आधार पर यह नया फैसला लिया गया है।
पुराने नियमों में किया गया बदलाव
पहले 7 मई 2017 के आदेश के तहत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये तय थी। अब नए संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव वेतन समिति 2016 की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। इससे पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े नियमों में भी सुधार हुआ है।
वित्त विभाग की मंजूरी के बाद लागू
इस फैसले को लागू करने से पहले वित्त विभाग की मंजूरी ली गई थी। 6 मार्च 2026 को वित्त विभाग से सहमति मिलने के बाद ही इस आदेश को जारी किया गया। इसके बाद अब सभी एडेड माध्यमिक स्कूलों में यह नियम लागू हो गया है।
कर्मचारियों को क्या मिलेगा फायदा
इस फैसले से शिक्षकों और कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी। खासकर लंबे समय से सेवा दे रहे लोगों के लिए यह राहत की खबर है। इससे उनका भविष्य ज्यादा सुरक्षित होगा और उन्हें एक मजबूत आर्थिक सहारा मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक कदम
सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें अपने काम के प्रति और ज्यादा भरोसा भी मिलेगा।





