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UP Human Trafficking: लड़कियों की खरीद-फरोख्त का ‘रेट सिस्टम’ उजागर, लखनऊ-रायबरेली तक फैला नेटवर्क

UP Human Trafficking: उत्तर प्रदेश में मानव तस्करी के एक कथित संगठित नेटवर्क का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य आए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह में शामिल लोग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के लिए बाकायदा एक “रेट सिस्टम” का इस्तेमाल करते थे। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

उम्र और रूप-रंग के आधार पर तय होती थी कीमत

पुलिस के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर लड़कियों की उम्र, रंग-रूप, चेहरे की बनावट और लंबाई के आधार पर उनकी कीमत तय करता था। जांच में यह भी सामने आया कि संभावित खरीदारों को लड़कियों की तस्वीरें और अन्य जानकारियां भेजी जाती थीं, जिसके बाद सौदेबाजी कर रकम तय की जाती थी।

अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में लड़कियों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बेचने की कोशिश किए जाने की आशंका भी है।

कई जिलों तक फैले नेटवर्क के संकेत

जांच के दौरान इस नेटवर्क के तार Lucknow, Raebareli और Sultanpur तक जुड़े मिले हैं। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेटवर्क से संबंध हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, 10 से 12 लड़कियों को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस उनकी पहचान और स्थिति का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

प्रेम विवाह और नौकरी का झांसा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर गरीब और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था। लड़कियों को प्रेम विवाह, नौकरी या बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर जाल में फंसाया जाता था। कुछ मामलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए विवाह कराने की बात भी जांच में सामने आई है।

जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उनके मोबाइल फोन, बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। एक महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिस पर परिवारों का भरोसा जीतकर लड़कियों को बहलाने-फुसलाने का संदेह है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। साथ ही लापता लड़कियों की तलाश और उनके पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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