Uttar Pradesh के सभी सरकारी स्कूलों में NCERT पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी, कक्षा 5 से 8 तक नई किताबें तैयार होंगी

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यालयों में NCERT पाठ्यक्रम को पूरी तरह लागू करने की तैयारी चल रही है। वर्तमान में कक्षा 1 से 4 और कक्षा 9 से 12 तक यह पहले से लागू है, जबकि अब कक्षा 5 से 8 तक के लिए नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं। SCERT के निर्देश पर विषयवार संस्थान पाठ्यपुस्तकों को राज्य के संदर्भ के अनुसार संशोधित कर रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाई जा सके।

Uttar Pradesh सरकार राज्य के सभी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का पाठ्यक्रम पूरी तरह लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस कदम का उद्देश्य पूरे राज्य में शिक्षा व्यवस्था को एक समान बनाना और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानकीकृत शिक्षा उपलब्ध कराना है।

कक्षा 5 से 8 तक लागू होगा नया पाठ्यक्रम

वर्तमान में प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कक्षा 1 से 4 तक NCERT का पाठ्यक्रम पहले से लागू है। वहीं अब कक्षा 5 से 8 तक भी इसे लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

इस प्रक्रिया के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT Uttar Pradesh) ने निर्देश जारी किए हैं कि इन कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों को NCERT के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए।

राज्य के संदर्भ में होगा आवश्यक संशोधन

शिक्षा विभाग के अनुसार, NCERT की मौजूदा पुस्तकों का अध्ययन किया जा रहा है और यह देखा जा रहा है कि उनमें से कौन-सा कंटेंट उत्तर प्रदेश के सामाजिक और स्थानीय संदर्भ में उपयुक्त है।

इसी आधार पर कुछ विषयों को जोड़ा या हटाया जाएगा, ताकि छात्र न केवल राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करें बल्कि अपने राज्य की वास्तविक परिस्थितियों को भी बेहतर तरीके से समझ सकें।

विषयवार जिम्मेदारी तय

नई पाठ्यपुस्तकों के निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग संस्थानों को दी गई है।

दोनों संस्थानों ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर SCERT को भेज दी है और अब आगे की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है।

पहले से लागू है NCERT का पाठ्यक्रम

प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों (कक्षा 9 से 12 तक) में पहले से ही NCERT का पाठ्यक्रम लागू है। वहीं बेसिक शिक्षा स्तर पर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

कक्षा 1 से 4 तक यह पहले ही लागू हो चुका है, और अब कक्षा 5 से 8 तक इसे लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

शिक्षा में एकरूपता और सुधार की उम्मीद

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे राज्य में एक समान पाठ्यक्रम लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और एकरूपता आएगी। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा के स्तर में अंतर कम होगा।

सरकार का यह कदम राज्य की शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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