Electric city theft: उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग लगातार अभियान चला रहा है। अधिकारियों को घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन भीषण गर्मी और बिजली कटौती के बीच यह अभियान अब कर्मचारियों के लिए खतरा बनता जा रहा है। बलरामपुर के बाद अब राजधानी लखनऊ में भी बिजली विभाग की टीम पर हमला होने की घटनाएं सामने आई हैं। दो अलग-अलग इलाकों में कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
जानकीपुरम में जूनियर इंजीनियर पर हमला
सबसे गंभीर मामला जानकीपुरम जोन के नहर रोड इलाके का है। यहां बिजली चोरी की सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची थी। टीम में जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार, राधेश्याम यादव और कुछ संविदाकर्मी शामिल थे। जैसे ही कर्मचारियों ने मीटर की जांच शुरू की, वहां मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि अजय दीक्षित और उसके साथियों ने पहले टीम के साथ गाली-गलौज की। थोड़ी ही देर में मामला हिंसा में बदल गया। कर्मचारियों को घेरकर उनके साथ लात-घूसों से मारपीट की गई। इसी दौरान जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार पर बेलचे से हमला कर दिया गया। उनके सिर पर गंभीर चोट आई और वह खून से लथपथ होकर गिर पड़े।
कुत्तों से भी कराया हमला
घटना यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने अपने पालतू कुत्तों को भी टीम पर छोड़ दिया। कुत्तों के काटने से कर्मचारी घायल हो गए। इस दौरान अशोक कुमार का मोबाइल भी छीन लिया गया। किसी तरह बाकी कर्मचारी वहां से जान बचाकर निकले और पुलिस को सूचना दी। पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घायल कर्मचारियों ने जानकीपुरम थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चौपटिया में भी हुआ हंगामा
दूसरी घटना सआदतगंज थाना क्षेत्र के चौपटिया इलाके की है। यहां तंबाकू मंडी की गलियों में बिजली विभाग की टीम चोरी पकड़ने पहुंची थी। टीम का नेतृत्व एसडीओ जितेंद्र गुर्जर कर रहे थे। उनके साथ जूनियर इंजीनियर और कई संविदाकर्मी भी मौजूद थे। जैसे ही लोगों ने टीम को देखा, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग छतों से अवैध तार हटाने लगे। जब कर्मचारियों ने खंभों से कटिया काटनी शुरू की, तभी कुछ लोगों ने भीड़ इकट्ठा कर टीम को घेर लिया।
कर्मचारियों को घसीटकर पीटा
आरोप है कि भीड़ ने सरकारी कागजात फाड़ दिए और संविदाकर्मी संतोष यादव को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। उनके साथ लात-घूसों से मारपीट की गई। कुछ लोगों ने धारदार हथियार से भी हमला किया, जिससे उनके चेहरे और शरीर पर गहरे घाव हो गए। हालात बिगड़ते देख कई कर्मचारी मौके से भाग निकले। बाद में बिजली विभाग के अधिकारियों ने सआदतगंज थाने पहुंचकर नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। लगातार हो रहे इन हमलों के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है।









