New Facility: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुफ्त सरकारी राशन लेने वाले करोड़ों लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब राशन वितरण के दौरान कार्डधारकों को दुकानों पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने राशन की दुकानों पर आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था, साफ पीने का पानी और गुड़ या पेठा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इन सुविधाओं का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इससे कोटेदारों पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
नई व्यवस्था
प्रदेश में करीब 3.65 करोड़ राशन कार्डधारक हैं। इन सभी लाभार्थियों को उनके गांव और आसपास की सरकारी राशन दुकानों से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। राशन लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग वितरण के दिन दुकानों पर पहुंचते हैं। ऐसे में कई जगहों पर उन्हें लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता था। अब सरकार चाहती है कि राशन की दुकानों पर आने वाले लोगों को कम से कम बुनियादी सुविधाएं जरूर मिलें।
शिकायतों पर फैसला
सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई सरकारी राशन की दुकानों पर कार्डधारकों के बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होते हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर लाभार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन ने राशन वितरण व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल राशन देना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को बेहतर और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराना भी है।
कोटेदारों को पैसा
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय के मुताबिक, राशन की दुकानों पर बैठने के लिए कोटेदार अपने स्तर पर कुर्सियों की व्यवस्था करेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें अलग से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। यानी कुर्सियां खरीदने का खर्च कोटेदारों को अपनी जेब से नहीं उठाना पड़ेगा। सरकार की ओर से दी जाने वाली राशि के जरिए दुकानों पर लाभार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था तैयार की जाएगी।
पानी और मिठास
राशन वितरण के दिन कार्डधारकों के लिए साफ पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही लोगों के स्वागत के लिए गुड़ या पेठा देने की व्यवस्था भी होगी। इन सुविधाओं के लिए भी सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि राशन लेने आने वाले लोगों को गर्मी और भीड़ के बीच कम से कम पीने का पानी और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
सरकार का मकसद
नई व्यवस्था के जरिए सरकार राशन वितरण प्रणाली को अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश के करोड़ों राशन कार्डधारकों को सरकारी खाद्यान्न लेने के लिए अब दुकानों पर पहले की तुलना में बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से खर्च उठाए जाने के कारण कोटेदारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी नहीं आएगा। अब देखना होगा कि नई सुविधाएं सभी राशन दुकानों पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती हैं।
