School Vehicles: स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर योगी सरकार सख्त,बिना परमिट-फिटनेस वाले वाहनों पर कार्रवाई तेज

उत्तर प्रदेश में स्कूल खुलने के साथ ही परिवहन विभाग ने 15 जुलाई तक विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन बिना परमिट और फिटनेस वाले 12 स्कूल वाहनों का चालान किया गया, जबकि दो वैन सीज की गईं। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना है।

School Vehicles: गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत बिना फिटनेस, बिना परमिट और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले ही दिन 12 स्कूल वाहनों का चालान किया गया, जबकि दो वैन को सीज कर दिया गया।

इन स्कूलों के वाहनों पर हुई कार्रवाई

पहले दिन माउंट फोर्ट इंटरमीडिएट कॉलेज, महानगर, कार्मल कॉन्वेंट स्कूल, बादशाहनगर और एवरग्रीन पब्लिक स्कूल से जुड़े वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर परिवहन विभाग ने कार्रवाई की।

बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की सुरक्षित आवाजाही केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की भी बराबर की भूमिका है।

स्कूल वाहनों के लिए जरूरी नियम

‘मिशन भरोसा’ से बढ़ी निगरानी

परिवहन विभाग के अनुसार अब तक 6,164 स्कूली वाहन और 3,275 चालक ‘मिशन भरोसा’ पोर्टल पर पंजीकृत किए जा चुके हैं। सत्यापन के दौरान कई चालकों के खिलाफ आपराधिक मामले भी सामने आए थे, जिसके बाद निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

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