लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। उत्तर प्रदेश पुलिस का ऑपरेशन क्लीन जारी है। कहीं अपराधी पुलिस की गोली से लंगड़े हो रहे तो कहीं यमलोक सिधार रहे। इसी कड़ी में बराबंकी पुलिस और यूपी एसटीएफ ने दिनदहाड़े एक लाख के इनामी बदमाश ज्ञान चंद्र पासी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मारे गए बदमाश पर 70 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। ज्ञानचंद ने खुद का गैंग बनाया हुआ था और अपराधी अपने साथियों के साथ लूट-हत्या और डकैती जैसे अपराधों को अंजाम दे रहा था। गोंडा में ज्ञानचंद ने एक कारोबारी की हत्या कर दी थी और तब से वह फरार चल रहा था।
पासी गैंग का सरगना ज्ञानचंद पासी गोंडा का रहने वाला है। मंगलवार की रात यूपी एसटीएफ को ज्ञानचंद पासी के बाराबंकी में छिपे होने की जानकारी मिली। बराबंकी पुलिस के साथ एसटीएफ ने रामनगर क्षेत्र के चौकाघाट इलाके म एक लाख रुपये के इनामी अपराधी ज्ञानचंद पासी को घेर लिया और सरेंडर करने को कहा। जिस पर बदमाश ने एसटीएफ व पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। ज्ञानचंद्र पर हत्या, डकैती और लूट समेत 70 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ के अनुसार मंगलवार देर शाम इनपुट मिला था कि ज्ञानचंद बाराबंकी के रामनगर इलाके में छिपा हुआ है। जिसके पास एसटीएफ सक्रिय हुई और बुधवार शाम डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही के नेतृत्व में टीम ने चौकाघाट के पास घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया। अस्पताल में उसे डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस ने एक पिस्टल, एक राइफल,12 बोर की बंदूक बरामद की है। इस पूरे ऑपरेशन की डिप्टी एसपी धमेंद्र शाही के हाथों में थी। ज्ञानचंद को दबोचने के लिए डिप्टी एसपी पिछले कई दिनों से ऑपरेशन चलाए हुए थे।
मारा गया बदमाश गोंडा जनपद के परसपुर थाना क्षेत्र के राजपुर गांव का निवासी है। साल 2002 में ज्ञान चंद्र पासी ने पूरे लाली गांव के लश्करी यादव की गोली मारकर हत्या की थी। यह उसका पहला मर्डर था। इस सनसनीखेज हत्या की गूंज उत्तर प्रदेश विधानसभा तक सुनाई दी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया था, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर ज्ञानचंद्र के भाई ननकू पासी को मुठभेड़ में मार गिराया था। 2016 में ज्ञान चंद्र पासी ने गोंडा में बालमाचार गांव के निवासी शिवकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। वर्ष 2020 में जेल में रहते हुए उसने भोलीलाल गांव के कृष्ण प्रताप सिंह को लेटर भेजकर फिरौती की मांग की थी।
ज्ञानचंद्र पासी के आतंक से करनैलगंज क्षेत्र लंबे समय से त्रस्त रहा है। 2020 में करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन जेल से छूटने के बाद उसने फिर से अपने गिरोह को सक्रिय कर दिया और वारदात करने लगा। 24 अप्रैल को पासी गैंग ने उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के धन्नीपुरवा गांव के रहने वाले शिवदीन की हत्या कर दी थी। दरअसल, धन्नीपुरवा गांव में ही देवीदीन के घर में पासी गैंग डकैती करने घुसा था। आहट पाकर देवीदीन के छोटे भाई शिवदीन (22) की नींद खुल गई। उन्होंने शोर मचाते हुए पीछा किया।
100 मीटर दौड़कर सोनू पासी उर्फ भुर्रे को पकड़ लिया। भुर्रे ने खुद को छुड़ाने के लिए कमर से तमंचा निकाला और गोली चला दी। गोली शिवदीन के सीने में लग गई। वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़े। परिजन आनन-फानन में शिवदीन को अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस वारदात में ज्ञानचंद्र पासी भी शामिल था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। 20 मई को मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश सोनू पासी मार दिया गया था। सोनू बात के बजाए बंदूक चलाने में महारत हासिल की हुई थी।
दिन- रविवार। समय- रात 12ः15 बजे। गोंडा में एक लाख का इनामी बदमाश सोनू पासी उर्फ भुर्रे सनौली गांव के पास एक और वारदात की फिराक में था। मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ने के लिए उमरी-बेगमगंज, खोडारे पुलिस और एसओजी की टीमों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया। रात 12ः15 बजे सोनू बिना नंबर की बाइक से जा रहा था। पुलिस ने उसे रोका तो उसने बाइक की स्पीड और बढ़ा दी। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। खुद को घिरता देख सोनू ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली थानाध्यक्ष नरेंद्र राय की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली सोनू के सीने में लग गई। पुलिस गाड़ी से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर लाया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष उमरी-बेगमगंज नरेंद्र राय ने बताया, मुठभेड़ 12ः15 से 1ः00 बजे तक चली। इस दौरान आरोपी ने मुझ पर फायरिंग कर दी। गोली मेरे बुलेटप्रूफ जैकेट पर सीने के पास आकर लगी और जैकेट में फंस गई। सोनू पासी करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के कदियापुर गांव का रहने वाला था।