UP Sugarcane Farmers Payment: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार लगातार गन्ना किसानों के हित में काम करने का दावा कर रही है। सरकार का कहना है कि किसानों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए समय पर गन्ना भुगतान कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में पैसा भेजा जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। सरकार के मुताबिक, साल 2017 से अब तक गन्ना किसानों को कुल 3 लाख 22 हजार 722 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है। इसे प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
समय पर भुगतान पर सरकार का जोर
योगी सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों की तुलना में किसानों को ज्यादा तेज और पारदर्शी तरीके से भुगतान किया जा रहा है। पेराई सत्र 2025-26 में अब तक करीब 30 हजार 831 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। सरकार के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत किसानों को उनका पैसा मिल चुका है।
कुछ चीनी मिलों का भुगतान अभी बाकी है, लेकिन उन्हें भी जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर पैसा मिले, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
तकनीक से आसान हुई व्यवस्था
गन्ना विभाग ने ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ व्यवस्था शुरू की है। इसके जरिए गन्ने का क्षेत्रफल, पर्ची जारी करने और कैलेंडर जैसी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है।
अब किसानों को गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल फोन पर मिल जाती है। भुगतान भी डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे बैंक खाते में पहुंच रहा है। इससे किसानों को चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है और पारदर्शिता भी बढ़ी है।
चीनी उत्पादन में यूपी आगे
पेराई सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें सरकारी, सहकारी और निजी क्षेत्र की मिलें शामिल हैं। इन मिलों ने अब तक करीब 877 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89 लाख टन से ज्यादा चीनी का उत्पादन किया है।
सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश चीनी परता यानी शुगर रिकवरी के मामले में भी महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से आगे निकल गया है। यूपी की औसत शुगर रिकवरी 10.21 प्रतिशत बताई गई है, जबकि महाराष्ट्र की 9.49 और कर्नाटक की 8.19 प्रतिशत है।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
योगी सरकार ने गन्ने के दाम में भी बढ़ोतरी की है। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी से किसानों को करीब 3 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा मिला है।
प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को इससे आर्थिक मजबूती मिली है। सरकार का मानना है कि गन्ना उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
