Panchayat Election Voter List: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग बुधवार को अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा। आयोग पहले इस सूची के प्रकाशन की तारीख कई बार आगे बढ़ा चुका था, लेकिन इस बार तय कार्यक्रम के अनुसार सूची जारी की जा रही है। अंतिम सूची सामने आने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया और संभावित कार्यक्रम को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।
अनंतिम सूची में जुड़े थे करोड़ों नए मतदाता
राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले वर्ष 23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी। उस सूची में प्रदेश के लगभग 12.69 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में नए मतदाताओं को भी सूची में जोड़ा गया था।आंकड़ों के अनुसार, अनंतिम सूची में करीब 1.81 करोड़ नए नाम शामिल किए गए थे। वहीं, 21.08 लाख मतदाताओं के विवरण में सुधार किया गया था। इसके अलावा लगभग 1.41 करोड़ नाम सूची से हटाए गए थे। वर्ष 2021 की पंचायत चुनाव मतदाता सूची में कुल 12.29 करोड़ मतदाता दर्ज थे।
दावे और आपत्तियों का हुआ निस्तारण
अनंतिम सूची जारी होने के बाद आयोग ने लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी थीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लाखों आवेदन आयोग को प्राप्त हुए। मतदाताओं ने नाम जोड़ने, नाम हटाने और विवरण में सुधार से जुड़ी शिकायतें और सुझाव दिए थे।
आयोग ने सभी आवेदनों की सुनवाई की और आवश्यक जांच के बाद उनका निस्तारण कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अब सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अंतिम मतदाता सूची जारी करने में कोई बाधा नहीं है।
डुप्लीकेट नामों की भी हुई जांच
अप्रैल और मई के दौरान आयोग ने एक विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची में दर्ज डुप्लीकेट नामों की जांच कराई थी। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार सूची में दर्ज न रहे।
जांच के बाद डुप्लीकेट रिकॉर्ड को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की गई। इससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया गया है।
पहली बार तकनीक का होगा बड़ा इस्तेमाल
इस बार पंचायत चुनाव में आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं को एक विशेष स्टेट वोटर नंबर जारी किया है। इसके साथ ही मतदाताओं की फोटो सहित पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था से फर्जी मतदान पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। मतदान केंद्र पर मतदाता की फोटो लेते ही सिस्टम यह जानकारी दे देगा कि उसने पहले वोट डाला है या नहीं। इससे एक व्यक्ति द्वारा दो बार मतदान करने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
पारदर्शी चुनाव कराने पर जोर
आयोग का कहना है कि नई तकनीक और अपडेट मतदाता सूची की मदद से पंचायत चुनाव को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद चुनावी गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है।
