World Environment Day : CM YOGI ने स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने पर दिया जोर, पानी की बर्बादी पर जताई चिंता

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और स्वच्छ हवा को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से पेड़ लगाने, पानी बचाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

Yogi Adityanath Environment Day Message:विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की नई स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना की शुरुआत की। यह परियोजना विश्व बैंक के सहयोग से शुरू की गई है और इसकी लागत 2,741 करोड़ रुपये बताई गई है।।इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विश्व बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

पर्यावरण की अनदेखी पड़ रही भारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम बोलचाल में कहा जाता है, “जल है तो कल है और वन है तो जीवन है।” उन्होंने कहा कि इंसान और प्रकृति का रिश्ता एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है, लेकिन पिछले कई दशकों में पर्यावरण की लगातार अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम के असर को महसूस कर रही है। मौसम का चक्र पहले की तुलना में काफी बदल गया है, जिसका असर खेती-किसानी और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है।

किसानों पर पड़ सकता है असर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। अगर बारिश समय पर नहीं होगी या जरूरत से ज्यादा होगी, तो फसलों को नुकसान पहुंचेगा और किसानों की आय प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में अतिवृष्टि, सूखा और खाद्यान्न संकट जैसी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है।

‘हर घर नल योजना’ का किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि सरकार ने हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का काम किया है, लेकिन कुछ लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं नल की टोंटी चोरी हो रही है तो कहीं लोग नल खुला छोड़कर पानी बर्बाद कर रहे हैं। ऐसी आदतों को रोकना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कोई पानी की बर्बादी करता दिखे तो उसे समझाएं और रोकें।

रामसर साइट और नई घोषणाएं

कार्यक्रम में बलिया की सुरहा ताल को देश की 100वीं और उत्तर प्रदेश की 13वीं रामसर साइट घोषित किए जाने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा श्रावस्ती स्थित गुलरा (केन नाला) को जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए शुभंकर का भी अनावरण किया और पर्यावरण से जुड़े कई नए प्रयासों की शुरुआत की।

प्रदेशवासियों को दिलाए पांच संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को पांच महत्वपूर्ण संकल्प भी दिलाए। इनमें मां के नाम एक पेड़ लगाना, पेड़ों की सुरक्षा करना, जल संरक्षण करना, सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करना और प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली अपनाना शामिल है।।उन्होंने कहा कि भूमाफिया, वन माफिया, अवैध खनन और तस्करी जैसी गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। ऐसे लोगों के प्रति सतर्क रहना और प्रकृति की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

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