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कफ सिरप पर ‘फातिहा’ वाला प्रहार और वंदे मातरम की हुंकार, योगी सरकार का बड़ा बजट दांव

UP Assembly CM Yogi

UP Assembly Winter Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को हंगामेदार रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कफ सिरप मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरकार ने सदन के पटल पर वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया, जिसमें प्रदेश की विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान है।

सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा हुई, जहाँ मुख्यमंत्री ने इसे “भारत की आत्मा का स्वर” बताते हुए इसके ऐतिहासिक विरोध को तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम करार दिया। विपक्ष ने कफ सिरप के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया और मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रयागराज और भदोही में नए पुलों सहित 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।

विधानसभा में कफ सिरप पर संग्राम

UP Assembly सत्र के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी ने कफ सिरप मामले को लेकर सदन के वेल में आकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि यूपी में इस सिरप का उत्पादन नहीं होता और न ही यहाँ कोई मौत हुई है। उन्होंने बताया कि एसआईटी (SIT) गठित कर 77 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सपा पर हमलावर होते हुए कहा:

“जो भी अपराधी होगा वह बचने नहीं पाएगा। हम ऐसी कार्रवाई करेंगे कि किसी को फातिहा पढ़ने लायक भी नहीं छोड़ेंगे।”

उन्होंने एक मुख्य आरोपी का संबंध सपा नेताओं से होने का आरोप भी लगाया, जिससे नाराज होकर विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।

वंदे मातरम: “इतिहास एक चेतावनी भी है”

लंच के बाद UP Assembly में वंदे मातरम पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गीत केवल छंद नहीं, बल्कि भारतीयों का संस्कार है। उन्होंने 1923 के कांग्रेस अधिवेशन और 1937 में नेहरू द्वारा सुभाष चंद्र बोस को लिखे पत्र का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि तुष्टीकरण के कारण इस गीत के साथ समझौता किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को सच्चाई जानने का अधिकार है।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले और अनुपूरक बजट

UP Assembly में बजट पेश करने के साथ ही कैबिनेट ने कई बड़े बुनियादी ढांचागत और शैक्षिक सुधारों को मंजूरी दी:

  • नए विश्वविद्यालय: भदोही में ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’ और शाहजहांपुर में ‘स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय’ की स्थापना।

  • पुल निर्माण: प्रयागराज (गंगा नदी पर 4-लेन सेतु) और भदोही (सीतामढ़ी के पास दीर्घ सेतु) में नए पुलों की मंजूरी।

  • चिकित्सा: विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती के लिए नए ‘भर्ती बोर्ड’ का गठन।

  • रोजगार: वाराणसी में 75 एकड़ में ‘टेक्सटाइल पार्क’ की स्थापना।

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