Yogi Cabinet Decisions: मक्का खरीद, वकीलों की फीस, नई जेलें और वाहन मालिकों को राहत, कैबिनेट ने कौन से 24 प्रस्तावों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। मक्का का समर्थन मूल्य तय किया गया, सरकारी वकीलों की फीस बढ़ाई गई और लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी गई।

Yogi Cabinet Major Decisions

Yogi Cabinet Takes Major Decisions:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को उनके सरकारी आवास पर कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने किसानों, वाहन मालिकों, सरकारी वकीलों और आम जनता से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग, कारागार विभाग, सिंचाई विभाग, आबकारी विभाग, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, कृषि विभाग और स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।

किसानों के लिए राहत, मक्का का समर्थन मूल्य तय

कैबिनेट ने मक्का खरीद नीति को मंजूरी देते हुए इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। सरकार 5 जून से 31 जुलाई तक मक्का की सरकारी खरीद करेगी। इसके लिए कई जिलों में खरीद केंद्र भी बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।

जेलों और बंदियों से जुड़े फैसले

सरकार ने जेल में बंद कैदियों की मृत्यु होने पर मुआवजा देने की नई नीति को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा प्रदेश के पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

सरकारी वकीलों की फीस में बड़ी बढ़ोतरी

कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में सरकारी वकीलों की फीस और भत्तों में बढ़ोतरी शामिल रही। जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक सरकार की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। जिला न्यायालयों में तैनात सरकारी वकीलों को मिलने वाली मासिक रिटेनरशिप 9,000 रुपये से बढ़ाकर 14,000 रुपये तक की जा सकती है। वहीं प्रति सुनवाई मिलने वाली फीस 1,650 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये तक की जाएगी।
इसी तरह अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ताओं की मासिक राशि 7,200 रुपये से बढ़ाकर 11,000 रुपये तक और प्रति सुनवाई फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,300 रुपये तक करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।

वाहन मालिकों को मिलेगा बड़ा फायदा

परिवहन विभाग की एकमुश्त समाधान योजना यानी ओटीएस योजना को भी मंजूरी मिली है। इस योजना के तहत पहली बार वाहन मालिकों को सिर्फ जुर्माने में ही नहीं बल्कि मूल कर में भी राहत मिलेगी। सरकार बकाया कर पर लगी पूरी पेनाल्टी माफ करेगी। इसके अलावा मूल कर में लगभग 35 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के करीब 8.48 लाख वाहन मालिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

वर्षों से अटका राजस्व मिलेगा

परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में लगभग 8.50 लाख ऐसे वाहन हैं जिन पर कुल 1,853 करोड़ रुपये का बकाया है। इसमें 1,073 करोड़ रुपये मूल कर और 780 करोड़ रुपये पेनाल्टी के रूप में शामिल हैं। सरकार का मानना है कि मूल कर में छूट मिलने से बड़ी संख्या में वाहन मालिक स्वेच्छा से बकाया जमा करेंगे। इससे वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा होगा और सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

इलेक्ट्रिक बसों को भी मंजूरी

कैबिनेट ने 18 शहरों में जीसीसी मॉडल के तहत इलेक्ट्रिक बसें चलाने की मंजूरी दी है। बड़े शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री कार्यालय के लिए जमीन आवंटित करने को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों, अधिवक्ताओं, वाहन मालिकों और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा तथा प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

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