Yogi Govt GCC Policy 2025: यूपी सरकार की नई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति राज्य को वैश्विक तकनीकी नक्शे पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगले पांच वर्षों में इस नीति के तहत 2 लाख से अधिक उच्च वेतन वाली नौकरियां पैदा होंगी और 500 कंपनियों व भारी विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित किया जाएगा। नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों को टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवा हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इस नीति के तहत निवेशकों को जमीन पर सब्सिडी, टैक्स में छूट और पेट्रोल जैसी कई सुविधाएं भी दी जाएंगी, जिससे यूपी निवेश के लिहाज से देश का अगला बड़ा केंद्र बन सके।
टेक्नोलॉजी हब बनाएंगे यूपी के चार बड़े शहर
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति के तहत सरकार ने नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी को डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया है। इससे न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में गति मिलेगी।
सरकार Fortune 500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए विशेष पैकेज तैयार कर रही है, जिसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेश पर अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी।
लेवल-1 और एडवांस्ड निवेशकों के लिए स्पष्ट मानदंड
Yogi Govt जीसीसी नीति में दो स्तर बनाए गए हैं — लेवल-1 और एडवांस्ड जीसीसी। लेवल-1 के लिए गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के बाहर 15 करोड़ और 500 कर्मचारियों की शर्त है, जबकि इन जिलों में निवेश सीमा 20 करोड़ रुपये रखी गई है। एडवांस्ड जीसीसी के लिए यह आंकड़ा 50-75 करोड़ रुपये और 1,000 कर्मचारियों का है। इससे छोटे-बड़े सभी निवेशकों को अवसर मिलेगा।
आकर्षक सब्सिडी और अनुदान से बढ़ेगा निवेश
Yogi Govt ने निवेशकों के लिए कई प्रोत्साहन पेश किए हैं। इनमें भूमि पर 30-50% सब्सिडी, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, परिचालन लागत पर छूट और पेट्रोल सब्सिडी जैसे फायदे शामिल हैं। साथ ही, स्टार्टअप्स को भी 2 करोड़ तक की लागत प्रतिपूर्ति, पेटेंट के लिए सब्सिडी और उत्कृष्टता केंद्रों के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा।
यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी, बल्कि प्रदेश में नवाचार, शोध और तकनीकी आत्मनिर्भरता की नींव मजबूत करेगी।