Famous ghats of Varanasi-वाराणसी उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे बसा एक ऐतिहासिक और धार्मिक शहर है। यह हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ आते हैं, ताकि वे मोक्ष और आत्मिक शुद्धि प्राप्त कर सकें। वाराणसी अपनी भव्य मंदिरों और घाटों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के घाटों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। आइए जानते हैं वाराणसी के कुछ प्रमुख घाटों के बारे में।
अस्सी घाट
अस्सी घाट वाराणसी का सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक है। यह गंगा नदी के किनारे स्थित है और इसे काशी की प्राचीनता का प्रतीक माना जाता है। यहाँ पर स्थित भगवान शिव का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। हर दिन यहाँ गंगा आरती होती है, जो हजारों भक्तों को आकर्षित करती है। सुबह और शाम के समय इस घाट पर अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है।
दशाश्वमेध घाट
दशाश्वमेध घाट वाराणसी का एक महत्वपूर्ण और पवित्र स्थान है। मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने यहाँ पर अश्वमेध यज्ञ किया था, जिसमें उन्होंने दस घोड़ों की बलि दी थी। यह घाट अपनी भव्य गंगा आरती के लिए जाना जाता है। यहाँ स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है और श्रद्धालु इस घाट पर विशेष अनुष्ठान भी करते हैं।
मणिकर्णिका घाट
मणिकर्णिका घाट वाराणसी का सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण घाटों में से एक है। यह घाट मुख्य रूप से दाह संस्कार के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए इसे ‘मुक्ति घाट’ भी कहा जाता है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति यहाँ अंतिम संस्कार के बाद गंगा में प्रवाहित होता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस घाट पर दिन-रात चिता जलती रहती हैं, जिससे यह स्थान अद्वितीय बन जाता है।
वाराणसी के घाटों का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। ये केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यहाँ की संस्कृति और इतिहास के प्रतीक भी हैं। अस्सी घाट की शांति, दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती और मणिकर्णिका घाट की धार्मिक मान्यता इस शहर को और भी खास बनाती है। अगर आप वाराणसी जाते हैं, तो इन घाटों की यात्रा ज़रूर करें।