RBI Credit Card Rules: डिजिटल बैंकिंग के दौर में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लेकिन कई बार बैंक बिना ग्राहक की अनुमति के कार्ड भेज देते हैं या मौजूदा कार्ड अपग्रेड कर देते हैं। ऐसे में ग्राहकों को फीस और क्रेडिट स्कोर खराब होने की चिंता रहती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए कई नियम बनाए हैं। जानिए आपके 15 महत्वपूर्ण अधिकार।
बिना अनुमति कार्ड जारी करना गलत
बैंक ग्राहक की स्पष्ट लिखित या डिजिटल सहमति के बिना नया क्रेडिट कार्ड जारी या अपग्रेड नहीं कर सकते। ऐसा होने पर बैंक को कार्ड बंद करना होगा। यदि कोई शुल्क लगाया गया है, तो उसे वापस करने के साथ दोगुनी राशि का जुर्माना देना पड़ सकता है।
30 दिन में सक्रिय नहीं किया तो बंद होगा कार्ड
कार्ड मिलने के 30 दिनों तक सक्रिय नहीं होने पर बैंक को OTP के जरिए ग्राहक की सहमति लेनी होगी। सहमति नहीं मिलने पर सात कार्यदिवसों में बिना शुल्क कार्ड बंद करना होगा।
कार्ड बंद कराने पर 500 रुपये प्रतिदिन मुआवजा
बकाया चुकाने के बाद ग्राहक कार्ड बंद करने का अनुरोध कर सकता है। बैंक को सात कार्यदिवसों में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। देरी होने पर 500 रुपये प्रतिदिन मुआवजा देना होगा।
लिमिट बढ़ाने के लिए सहमति जरूरी
बैंक बिना ग्राहक की स्पष्ट अनुमति के क्रेडिट लिमिट नहीं बढ़ा सकते। कार्ड अपग्रेड और ओवरलिमिट सुविधा के लिए भी सहमति जरूरी है।
शुल्क और ब्याज की जानकारी पाना अधिकार
बैंक को जॉइनिंग फीस, सालाना शुल्क, ब्याज दर और अन्य चार्ज की जानकारी पहले देनी होगी। छिपे हुए शुल्क नहीं लगाए जा सकते।
फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत
अनधिकृत ट्रांजैक्शन होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें। बैंक या सिस्टम की गलती होने पर ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य हो सकती है। जिम्मेदारी धोखाधड़ी की स्थिति और शिकायत के समय पर निर्भर करती है।
रिकवरी एजेंट नहीं कर सकते बदसलूकी
एजेंट ग्राहक को धमका या अपमानित नहीं कर सकते। वसूली के लिए सुबह 8 से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क किया जा सकता है।
बिलिंग साइकिल बदलने का अधिकार
ग्राहक अपने कार्ड की बिलिंग साइकिल कम से कम एक बार अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है।
अन्य जरूरी अधिकार
- कार्ड बंद होने की जानकारी 30 दिनों में क्रेडिट ब्यूरो को देना जरूरी है।
- बीमा और ऐड-ऑन सेवाओं के लिए ग्राहक की सहमति जरूरी है।
- रिवॉर्ड पॉलिसी में बदलाव की सूचना सामान्यतः 30 दिन पहले देनी होगी।
- गलत बिल या ट्रांजैक्शन पर ग्राहक शिकायत दर्ज करा सकता है।
- बैंक 30 दिनों में समाधान न दे तो RBI लोकपाल के पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत कर सकते हैं।
ध्यान दें कि अलग-अलग नियम बैंक और NBFC के प्रकार के अनुसार लागू हो सकते हैं।
















