Delhi Varanasi Bullet Train:उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी घोषणा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार, 31 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी। इस कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से वाराणसी का सफर महज 3 घंटे 33 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं, दिल्ली से आगरा पहुंचने में सिर्फ 59 मिनट और लखनऊ पहुंचने में 2 घंटे 12 मिनट लगेंगे।
खास बात यह है कि यह कॉरिडोर सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के शहरों को भी जोड़ेगा। रेल मंत्री के मुताबिक, इससे मध्यम वर्ग, युवाओं, छोटे कारोबारियों और एमएसएमई क्षेत्र को भी फायदा मिलेगा।
कई बड़े शहर जुड़ेंगे
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित नॉर्दर्न कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होगा। इसके बाद आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगा। आगे यह पटना और सिलीगुड़ी से गुजरते हुए गुवाहाटी तक विस्तारित होगा।
इससे उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। खासकर दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
अलग-अलग शहरों का सफर
रेल मंत्री की ओर से बताए गए प्रस्तावित यात्रा समय के मुताबिक:
दिल्ली से कानपुर – 1 घंटा 45 मिनट
दिल्ली से आगरा – 59 मिनट
दिल्ली से लखनऊ – 2 घंटे 12 मिनट
वाराणसी से लखनऊ – 1 घंटा 21 मिनट
वाराणसी से पटना – 1 घंटा
वाराणसी से दिल्ली – 3 घंटे 33 मिनट
वाराणसी से प्रयागराज – 33 मिनट
वाराणसी से आगरा – 2 घंटे 34 मिनट
ये समय कॉरिडोर तैयार होने के बाद प्रस्तावित यात्रा अवधि हैं। फिलहाल इसके निर्माण की समयसीमा और कुल लागत की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
वंदे भारत स्लीपर भी मिलेगी
रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रात में बनारस से ट्रेन पकड़कर यात्री सुबह दिल्ली पहुंच सकेंगे। इसी तरह दिल्ली से रात में चलकर सुबह वाराणसी पहुंचना संभव होगा।
इससे उन यात्रियों को सुविधा मिलेगी जो दिन का समय बचाना चाहते हैं। खासकर कारोबार, नौकरी और धार्मिक यात्रा के लिए दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।
काशी स्टेशन बनेगा बड़ा केंद्र
रेल मंत्री ने काशी रेलवे स्टेशन के विकास को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नमो ब्रिज के साथ मिलकर काशी स्टेशन उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के लिए बड़ा परिवहन केंद्र बन सकता है।
स्टेशन पर फुटबॉल मैदान के आकार का विशाल प्रतीक्षालय तैयार करने की योजना है, जिसमें एक साथ 50 हजार से अधिक यात्रियों के ठहरने की क्षमता होगी।
उन्होंने बताया कि स्टेशन का दक्षिणी हिस्सा काशी विश्वनाथ मंदिर से करीब 2 किलोमीटर दूर है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर और काशी के प्रसिद्ध घाटों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
मेक इन इंडिया पर जोर
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का निर्माण पूरी तरह मेक इन इंडिया की सोच के तहत किया जाएगा। इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पिलर से लेकर गर्डर तक भारतीय तकनीक और क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।
रेल मंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर आने वाले कई दशकों तक देश के परिवहन और आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है। हालांकि, यात्रियों को बुलेट ट्रेन में सफर करने के लिए अभी निर्माण और आगे की परियोजना संबंधी जानकारियों का इंतजार करना होगा।
















