Asaduddin Owaisi on PM Modi Uzbekistan Award:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च मित्रता सम्मान से नवाजे जाने के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। हैदराबाद सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को बधाई, जिस बाबर के नाम पर उन्हें लंबे समय तक निशाना बनाया जाता रहा, उसी बाबर की जन्मभूमि वाले देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया है। ओवैसी ने यह टिप्पणी उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में पीएम मोदी को सम्मान दिए जाने के बाद की।
बाबर का जिक्र
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, उन्हें कोई न कोई सम्मान मिलता है। उन्होंने बीजेपी और संघ परिवार के बाबर से जुड़े पुराने राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि अब उसी देश की ओर से प्रधानमंत्री को नागरिक सम्मान दिया गया है। उन्होंने आरएसएस से इस पूरे घटनाक्रम पर विचार करने की बात कही। ओवैसी ने उम्मीद जताई कि अब संघ परिवार के नेता बाबर का नाम लेकर पहले की तरह बयानबाजी नहीं करेंगे। उनका कहना था कि जिस जगह से बाबर आया था, वहीं के देश ने पीएम मोदी को सम्मान दिया है।
सर्वोच्च सम्मान
30 अगस्त 2026 को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च मित्रता सम्मान ‘ओली दाराजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। यह सम्मान किसी मित्र देश के नेता को दिया जाता है। उज्बेक भाषा में ‘ओली दाराजाली’ का अर्थ सर्वोच्च स्तर और ‘दोस्तलिक’ का मतलब मित्रता होता है। यानी इस सम्मान का अर्थ ‘सर्वोच्च स्तर की मित्रता’ से है। सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत और अटूट संबंधों को समर्पित किया।
मोदी को कई सम्मान
पीएम मोदी को इससे पहले भी अलग-अलग देशों की ओर से कई बड़े नागरिक सम्मान मिल चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 35 से अधिक देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित कर चुके हैं। उज्बेकिस्तान का यह सम्मान भी भारत और मध्य एशियाई देश के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएम मोदी ने सम्मान मिलने पर आभार जताते हुए कहा कि वह इसे दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों के प्रति सम्मान के रूप में देखते हैं।
फरगना घाटी
ओवैसी के बयान में जिस ऐतिहासिक क्षेत्र और बाबर की जन्मभूमि का संदर्भ आया, उसका संबंध मध्य एशिया की फरगना घाटी से है। यह घाटी तियन शान, गिस्सार और अलाय पर्वत श्रृंखलाओं के बीच फैली हुई है। इसका बड़ा हिस्सा आज उज्बेकिस्तान में है, जबकि इसका क्षेत्र ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान तक भी जाता है। इतिहास में यह इलाका कई सभ्यताओं और शासकों के संपर्क में रहा है और मध्य एशिया के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षेत्रों में इसकी गिनती होती है।
बाबर का इतिहास
जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर का जन्म फरगना क्षेत्र में हुआ था। बाद में उसने भारत पर आक्रमण कर 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराया और मुगल साम्राज्य की नींव रखी। उसके बाद भारत में मुगल शासन का विस्तार हुआ और अकबर, शाहजहां तथा औरंगजेब जैसे शासक सत्ता में आए। ओवैसी ने इसी ऐतिहासिक जुड़ाव को अपने राजनीतिक तंज का आधार बनाया और बीजेपी-आरएसएस से बाबर को लेकर उनकी पुरानी बयानबाजी पर सवाल खड़े किए।
