Support Row: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक मंच से अपशब्द कहने वाली युवती रुचिका सिंह के मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर रुचिका के समर्थन में पोस्ट करते हुए कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह की जरूरत हो तो वह बताएं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।
केजरीवाल का संदेश
अरविंद केजरीवाल ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि रुचिका के साथ जो हुआ, उससे युवाओं में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब युवा डरने वाले नहीं हैं और रुचिका को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर उनकी पार्टी साथ खड़ी रहेगी। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
भाजपा का पलटवार
केजरीवाल के बयान पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा प्रधानमंत्री या किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र भाषा का समर्थन करना गलत है। मिश्रा ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उनके रुख को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कई पुराने विवादों का भी जिक्र किया।
मामला क्यों बना चर्चा में
रुचिका सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। घटना को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक विरोध और सार्वजनिक भाषा की मर्यादा को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
राजनीतिक बयानबाजी जारी
फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना हुआ है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे युवाओं की आवाज से जोड़ रही है, वहीं भाजपा इसे अभद्र भाषा का समर्थन बताकर केजरीवाल पर हमला बोल रही है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।








