Gold Silver Market Outlook: पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ईरान से जुड़े तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों से घटा है। इसका असर सीधे सोने और चांदी के बाजार पर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अभी थमने वाली नहीं है। आने वाले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाने वाले कारण
बाजार विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार, कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वजहें सोने की कीमतों को नीचे ला सकती हैं। सबसे पहला कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती उम्मीदें हैं। यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक सोने की बजाय दूसरे निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
दूसरा बड़ा कारण डॉलर की मजबूती है। डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर सोने की मांग कमजोर पड़ जाती है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
तीसरा कारण गोल्ड ईटीएफ से निवेशकों का पैसा निकलना है। हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में बिकवाली देखने को मिली है, जिससे बाजार का भरोसा कुछ कमजोर हुआ है।
चौथा कारण पश्चिम एशिया में तनाव कम होना है। जब भू-राजनीतिक संकट कम होते हैं तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग भी घट जाती है।
चांदी में भी बड़ी गिरावट की आशंका
कमोडिटी बाजार के जानकार अजय केडिया का मानना है कि चांदी की कीमतों में भी आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है। उनका कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में बिकवाली बढ़ती है तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई देगा नूर सिद्दीकी का भी कहना है कि अगर निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ी और तेज बिकवाली शुरू हुई, तो चांदी में अपेक्षा से अधिक गिरावट आ सकती है।
इन वजहों से मिल सकता है सहारा
हालांकि बाजार में कमजोरी के बीच कुछ ऐसे कारक भी हैं जो सोने और चांदी की कीमतों को पूरी तरह टूटने से बचा सकते हैं। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं। इससे बाजार को मजबूत आधार मिल रहा है। इसके अलावा जापान की मौद्रिक नीतियां और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर बनी अनिश्चितता भी सोने के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कारणों से कीमतों में बड़ी गिरावट के बावजूद कुछ समर्थन बना रह सकता है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे कीमतें
सोना और चांदी दोनों अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। हाल के महीनों में दोनों धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाजार में खरीदारी के अवसर भी बन रहे हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। हर गिरावट पर थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करने से औसत खरीद मूल्य बेहतर बन सकता है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ की राय जरूर लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। न्यूज1इंडिया किसी को भी निवेश करने या ना करने की सलाह नहीं देता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


