Share Market Update Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी मजबूती देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी, जिसके बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि एशियाई बाजारों में आई तेजी और वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से भारतीय बाजार को सहारा मिला है। इसी वजह से घरेलू बाजार की शुरुआत मजबूत रही।
सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त
शुरुआती कारोबार में बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 399 अंकों की बढ़त के साथ 77,391 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी भी लगभग 104 अंक मजबूत होकर 24,125 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार खुलते ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। एचसीएल टेक, इंडिगो, टीसीएस, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और टाइटन जैसे शेयरों में हल्की कमजोरी दिखाई दी।
एशियाई बाजारों से मिला समर्थन
एशियाई शेयर बाजारों में आज सकारात्मक रुख देखने को मिला। अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बेहतर वित्तीय नतीजों का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान का निक्केई सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी तेज उछाल के साथ आगे बढ़ा। एशियाई बाजारों की इस मजबूती का फायदा भारतीय बाजार को भी मिला।
अमेरिकी बाजार का मिला-जुला प्रदर्शन
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बड़ी टेक कंपनियों में बिकवाली के कारण कुछ प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसे बड़े तकनीकी शेयरों में कमजोरी रही, जिसके चलते नैस्डैक इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि माइक्रोन टेक्नोलॉजी के मजबूत नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी।
कच्चे तेल में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी कमजोर स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि इससे आयात लागत कम होने की संभावना रहती है।
डॉलर मजबूत, बिटकॉइन में कमजोरी
अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स अपने ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों पर असर पड़ रहा है। वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी बिटकॉइन की कीमत गिरकर 60,000 डॉलर से नीचे पहुंच गई। इससे क्रिप्टो निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बाजार की चाल पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।









