Asia New Hub of Global Wealth: एक रिपोर्ट के मुताबिक, हांगकांग अब दुनिया का सबसे बड़ा ऑफशोर वेल्थ मैनेजमेंट सेंटर बन चुका है। उसने इस मामले में स्विट्जरलैंड को पीछे छोड़ दिया है। यह बदलाव केवल बैंकिंग और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की आर्थिक ताकत के बदलते स्वरूप को भी दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया में तेजी से बढ़ रही संपत्ति, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के अमीर निवेशकों का बढ़ता प्रभाव और बदलती आर्थिक परिस्थितियां हांगकांग को वैश्विक पूंजी का प्रमुख केंद्र बना रही हैं।
एशिया की दौलत का फायदा
हांगकांग की सबसे बड़ी ताकत उसका रणनीतिक स्थान और मजबूत आर्थिक नेटवर्क माना जा रहा है। चीन और एशिया की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं से पैदा हो रही नई संपत्ति का बड़ा हिस्सा अब हांगकांग के माध्यम से प्रबंधित किया जा रहा है। कई बड़े निवेशक और फैमिली ऑफिस अपनी पूंजी को एशिया के भीतर ही रखना पसंद कर रहे हैं। इसका सीधा लाभ हांगकांग को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पार संपत्ति प्रबंधन के क्षेत्र में हांगकांग ने इतनी तेज़ प्रगति की कि उसने लंबे समय से शीर्ष स्थान पर बने स्विट्जरलैंड को पीछे छोड़ दिया। इसे वैश्विक वित्तीय जगत में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
स्विट्जरलैंड की पकड़ क्यों हुई कमजोर
स्विट्जरलैंड कई दशकों तक अपनी बैंकिंग गोपनीयता और राजनीतिक तटस्थता के लिए जाना जाता रहा है। दुनिया भर के अमीर कारोबारी और निवेशक अपनी संपत्ति वहां सुरक्षित रखते थे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में परिस्थितियां बदल गई हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण स्विट्जरलैंड को अपने कई गोपनीयता नियमों में बदलाव करना पड़ा। इसके अलावा यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में उसकी भागीदारी से कुछ निवेशकों के बीच उसकी तटस्थ छवि प्रभावित हुई। इसके बाद कई निवेशकों ने अपनी पूंजी एशिया और मध्य पूर्व के नए वित्तीय केंद्रों की ओर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया।
सिंगापुर और दुबई भी दौड़ में आगे
हांगकांग के साथ-साथ सिंगापुर भी तेजी से वैश्विक वेल्थ मैनेजमेंट उद्योग में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई निवेशक सिंगापुर को सुरक्षित और स्थिर निवेश केंद्र मान रहे हैं। वहीं, दुबई भी तेजी से उभरता हुआ वित्तीय केंद्र बन रहा है। कम टैक्स, निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां और बेहतरीन भौगोलिक स्थिति के कारण दुनिया भर के निवेशक दुबई की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
पूर्व की ओर बढ़ रही आर्थिक ताकत
रिपोर्ट संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक वेल्थ मैनेजमेंट इंडस्ट्री का केंद्र एशिया-प्रशांत क्षेत्र बन सकता है। जिस गति से एशियाई देशों में नई संपत्ति पैदा हो रही है, उससे हांगकांग, सिंगापुर और दुबई जैसे शहरों की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, यूरोप के पारंपरिक बैंकिंग केंद्रों के लिए अपनी पुरानी बढ़त बनाए रखना अब आसान नहीं होगा। यही वजह है कि दुनिया की आर्थिक ताकत और निवेश का केंद्र धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।


