Stock Market Today: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। एशियाई बाजारों के मिले-जुले संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 150 अंकों के करीब फिसल गया। सुबह करीब 9:35 बजे सेंसेक्स 605.05 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,546.40 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 149.70 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 24,184.60 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे।
बैंकिंग शेयर दबाव
शुरुआती कारोबार में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंडिगो के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी और सन फार्मा के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पहली तिमाही के नतीजों के बाद उसके शेयरों में शुरुआती मजबूती देखने को मिली।
रुपये में कमजोरी
शेयर बाजार की गिरावट के साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.1 प्रतिशत कमजोर होकर 96.40 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.28 के स्तर पर बंद हुआ था। मुद्रा बाजार में कमजोरी का असर विदेशी निवेशकों की धारणा और आयात लागत पर भी पड़ सकता है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से लगभग आधे शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
तेल कीमतों का असर
बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी रही। अमेरिका की ओर से लगातार नौवीं रात ईरानी ठिकानों पर हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा है, जिससे ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। जुलाई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट करीब 2.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 90.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं।
सेक्टोरल प्रदर्शन
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज भी दबाव में रहे। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे अधिक बढ़त देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
