Uttar Pradesh Weather Update:उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत दे रही है। शनिवार को लखनऊ समेत मध्य यूपी के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, राजधानी लखनऊ में भारी बारिश को लेकर फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
पश्चिम में बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को भी बारिश का असर बना रहने का अनुमान है। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी यूपी में 5 से 7 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पूर्वांचल में तेजी
पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के बीच पूर्वांचल में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, बलिया और आसपास के जिलों में आने वाले दिनों में बारिश के दौर तेज हो सकते हैं। पश्चिमी यूपी में जहां बारिश धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है, वहीं पूर्वांचल में मानसून की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं।
राजधानी में बौछारें
लखनऊ के लिए शनिवार को मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। इसके बावजूद दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। 6 और 7 सितंबर को भी राजधानी में बारिश या गरज-चमक वाली बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है। ऐसे में मौसम पूरी तरह साफ होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
जलभराव से सतर्कता
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है और पश्चिमी यूपी में गंगा समेत अन्य नदियों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान लोगों को जलभराव वाले रास्तों और निचले इलाकों से बचकर निकलने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी यूपी में बारिश पहले कमजोर पड़ सकती है, जबकि पूर्वांचल में 6 से 8 सितंबर तक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके बाद प्रदेश में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं।







