Rajya Sabha Elections: हालिया राज्यसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का दबदबा देखने को मिला। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, एनडीए ने कुल 18 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि INDIA गठबंधन को 5 सीटों पर सफलता मिली। राजस्थान में कांग्रेस एक सीट बचाने में कामयाब रही, लेकिन कई राज्यों में विपक्ष मुकाबले में भी नहीं दिखा। कई उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिससे विधानसभा में दलों की वास्तविक ताकत साफ नजर आई।
आंध्र प्रदेश में एनडीए का पूरा कब्जा
आंध्र प्रदेश की चारों राज्यसभा सीटों पर एनडीए उम्मीदवार बिना मुकाबले के चुन लिए गए। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सना सतीश बाबू, भाष्यम रामकृष्ण और चिंतकायाला विजय के साथ जनसेना पार्टी के लिंगमनेनी रमेश राज्यसभा पहुंचे। जनसेना को पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिला, जिसे पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गुजरात में भाजपा का शानदार प्रदर्शन
गुजरात की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। जितेंद्र कंजारिया, मानसिंह परमार, राजेश शुक्ला और मुकेश राठवा राज्यसभा पहुंचे। कांग्रेस की कमजोर स्थिति के कारण मुकाबला नहीं हो सका। इसके साथ ही गुजरात से कांग्रेस का राज्यसभा प्रतिनिधित्व भी समाप्त हो गया।
राजस्थान में कांग्रेस ने बचाई एक सीट
राजस्थान की तीन सीटों में भाजपा ने दो सीटें अपने नाम कीं। अलका गुर्जर और सतीश पूनिया विजयी रहे। वहीं कांग्रेस नेता नीरज डांगी दोबारा राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे। इससे कांग्रेस राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखने में कामयाब रही।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को झटका
मध्य प्रदेश में भाजपा ने तीनों सीटों पर जीत दर्ज की। तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध चुने गए। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मुकाबला खत्म हो गया। कांग्रेस ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी है।
महाराष्ट्र और कर्नाटक के नतीजे
महाराष्ट्र में एनसीपी के राजेंद्र जैन निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे। महायुति गठबंधन की मजबूत स्थिति के कारण विपक्ष ने उम्मीदवार नहीं उतारा। वहीं कर्नाटक में कांग्रेस ने अपनी ताकत दिखाते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रवक्ता पवन खेड़ा को फिर से राज्यसभा भेजा। भाजपा के प्रोफेसर एम. नागराज भी निर्वाचित हुए।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी एनडीए मजबूत
अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के ताई टागक निर्विरोध चुने गए। मणिपुर में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने सीट बरकरार रखी। मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के जेम्स संगमा बिना किसी मुकाबले के राज्यसभा पहुंचे। इससे पूर्वोत्तर में एनडीए और उसके सहयोगी दलों की स्थिति और मजबूत हुई है।
झारखंड में INDIA गठबंधन का पलड़ा भारी
झारखंड में दो सीटों पर INDIA गठबंधन को बढ़त मिली। विधानसभा में बहुमत होने के कारण झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा हुआ। यहां भाजपा अपनी स्थिति मजबूत नहीं कर सकी।
राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि कई राज्यों में एनडीए का राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं, कुछ राज्यों में INDIA गठबंधन ने अपनी मौजूदगी बनाए रखने में सफलता जरूर हासिल की है।





