शुक्रवार, अगस्त 14, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home एडिटर चॉइस

Karwa Chauth 2022: करवाचौथ की क्यों है इतनी मान्यता, क्या है करवाचौथ व्रत की पूरी कहानी

by Web Desk
अक्टूबर 11, 2022
in एडिटर चॉइस, देश
Share on FacebookShare on Twitter

करवा चौथ: जीवन साथी के पवित्र रिश्तों का पर्वभारत धर्म प्रधान और आस्थावान देश है। यहां साल के सभी दिनों का कोई न कोई महत्व होता। हर दिन पवित्र माना जाता है। भारत में करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। खासतौर पर यह राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब का प्रमुख पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह व्रत सुबह सूर्योदय से पहले करीब 4 बजे के बाद शुरू होकर रात में चन्द्रमा दर्शन के बाद सम्पूर्ण होता है। ग्रामीण स्त्रियों से लेकर आधुनिक महिलायें करवा चौथ का व्रत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रखती हैं। यह व्रत हर साल महिलाएं अपने पतियों के लिए करती हैं। यह न केवल एक त्योहार है बल्कि यह पति-पत्नी (जीवनसाथी) के पवित्र रिश्तों का पर्व है।
कहने को तो करवा चौथ का त्योहार एक व्रत है लेकिन यह नारी शक्ति और उसकी क्षमताओं का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है, क्योंकि नारी अपने दृढ़ संकल्प से यमराज से भी अपने पति के प्राण ले आती है। आज के नए जमाने में भी हमारे देश में महिलायें हर वर्ष करवा चौथ का व्रत पहले की तरह पूरी निष्ठा व भावना से मनाती हैं। आधुनिक होते समाज में भी महिलायें अपने पति की दीर्घायु को लेकर सचेत रहती हैं। इसीलिये वो पति की लम्बी उम्र की कामना के साथ करवा चौथ का व्रत रखना नहीं भूलती हैं। पत्नी के अपने पति से कितने भी गिले-शिकवे रहे हों मगर करवा चौथ आते-आते सब भूलकर वो एकाग्र चित्त से अपने सुहाग की लम्बी उम्र की कामना से व्रत जरूर करती है। किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। जो सुहागिन स्त्रियां अपने पति की आयु, स्वास्थ्य और सौभाग्य की कामना करती हैं, वे व्रत रखती हैं।

व्रत की विधिः बालू अथवा सफेद मिट्टी की वेदी पर शिव-पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा की स्थापना करें। मूर्ति के अभाव में सुपारी पर नाल बांधकर ईश्वर का स्मरण कर स्थापित करें। पश्चात यथाशक्ति देवों का पूजन करें। करवों में लड्डू का नैवेद्य रखकर उसे अर्पित करें। एक लोटा, एक वस्त्र व एक विशेष करवा दक्षिणा के रूप में अर्पित कर पूजन समापन करें। दिन में करवा चौथ व्रत की कथा पढ़ें अथवा सुनें।
यह भी मान्यता हैः यह व्रत लगातार 12 अथवा 16 वर्ष तक किया जाता है। अवधि पूरी होने के पश्चात इस व्रत का उद्यापन किया जाता है। जो सुहागिन स्त्रियां आजीवन रखना चाहें वे जीवनभर इस व्रत को कर सकती हैं। इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत अन्य कोई दूसरा नहीं है। इसीलिये सुहागिन स्त्रियां अपने सुहाग की रक्षार्थ इस व्रत का सतत पालन करती हैं।

RELATED NEWS

इंडोनेशिया में पीएम मोदी ने किया ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दर्शन,भारत-इंडोनेशिया ने सांस्कृतिक रिश्तों को दी नई मजबूती

Allahabad High Court का बड़ा फैसला, कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल की पत्नी को मिलेंगे 50 लाख रुपये

जुलाई 9, 2026
UP IPS Transfer News

UP News :लखनऊ पुलिस में बड़े बदलाव की तैयारी, कई आईपीएस अफसरों की बदलेगी जिम्मेदारी

जुलाई 9, 2026

शास्त्रों में उल्लेखः शास्त्रों के अनुसार पति की दीर्घायु एवं अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन भालचन्द्र गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अर्ध्य देने के उपरान्त ही भोजन करने का विधान है। वर्तमान समय में ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार में प्रचलित प्रथा के अनुसार ही इसे मनाती हैं। लेकिन अधिकतर स्त्रियां निराहार रहकर चन्द्रोदय की प्रतीक्षा करती हैं।
विधानः सायंकाल चंद्रमा के उदित हो जाने पर चंद्रमा का पूजन कर अर्ध्य प्रदान करें। इसके पश्चात ब्राह्मण, सुहागिन स्त्रियों व पति के माता-पिता को भोजन कराएं। भोजन के पश्चात ब्राह्मणों को यथाशक्ति दक्षिणा दें। अपनी सासूजी को वस्त्र व विशेष करवा भेंट कर आशीर्वाद लें। यदि वे न हों तो उनके तुल्य किसी अन्य स्त्री को भेंट करें। इसके पश्चात स्वयं व परिवार के अन्य सदस्य भोजन करें। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी अर्थात उस चतुर्थी की रात्रि को जिसमें चंद्रमा दिखाई देने वाला है। उस दिन प्रातः स्नान करके अपने पति की आयु, आरोग्य, सौभाग्य का संकल्प लेकर दिनभर निराहार रहें। उस दिन भगवान शिव-पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा का पूजन करें। शुद्ध घी में आटे को सेंककर उसमें शक्कर अथवा खांड मिलाकर नैवेद्य हेतु लड्डू बनाएं। काली मिट्टी में शक्कर की चासनी मिलाकर उस मिट्टी से तैयार किए गए मिट्टी के अथवा तांबे के बने हुए अपनी सामथ्र्य अनुसार 10 अथवा 13 करवे रखें।
कथाः करवा चौथ व्रत करने वाली महिलाएं कथा सुनती हैं। एक बार पांडु पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी नामक पर्वत पर गए। इधर द्रोपदी बहुत परेशान थीं। उनकी कोई खबर न मिलने पर उन्होंने कृष्ण भगवान का ध्यान किया और अपनी चिंता व्यक्त की। कृष्ण भगवान ने कहा बहना इसी तरह का प्रश्न एक बार माता पार्वती ने शंकरजी से किया था। पूजन कर चंद्रमा को अर्ध्य देकर फिर भोजन ग्रहण किया जाता है। सोने, चांदी या मिट्टी के करवे का आपस में आदान-प्रदान किया जाता है। जो आपसी प्रेम-भाव को बढ़ाता है। पूजन करने के बाद महिलाएं अपने सास-ससुर एवं बड़ों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेती हैं। तब शंकरजी ने माता पार्वती को करवा चौथ का व्रत बतलाया। इस व्रत को करने से स्त्रियां अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से वैसे ही कर सकती हैं जैसे एक ब्राह्मण ने की थी।

प्राचीनकाल में एक ब्राह्मण था। उसके चार लड़के एवं एक गुणवती लड़की थी। एक बार लड़की मायके में थी। तब करवा चौथ का व्रत पड़ा। उसने व्रत को विधिपूर्वक किया। पूरे दिन निर्जला रही। कुछ खाया-पीया नहीं, पर उसके चारों भाई परेशान थे कि बहन को प्यास लगी होगी, भूख लगी होगी, पर बहन चंद्रोदय के बाद ही जल ग्रहण करेगी। भाइयों से न रहा गया उन्होंने शाम होते ही बहन को बनावटी चंद्रोदय दिखा दिया। एक भाई पीपल की पेड़ पर छलनी लेकर चढ़ गया और दीपक जलाकर छलनी से रोशनी उत्पन्न कर दी। तभी दूसरे भाई ने नीचे से बहन को आवाज दी देखो बहन, चंद्रमा निकल आया है। पूजन कर भोजन ग्रहण करो। बहन ने भोजन ग्रहण किया। भोजन ग्रहण करते ही उसके पति की मृत्यु हो गई। अब वह दुखी हो विलाप करने लगी। तभी वहां से रानी इंद्राणी निकल रही थीं। उनसे उसका दुख न देखा गया। ब्राह्मण कन्या ने उनके पैर पकड़ लिए और अपने दुख का कारण पूछा। तब इंद्राणी ने बताया कि तूने बिना चंद्र दर्शन किए करवा चौथ का व्रत तोड़ दिया इसलिए यह कष्ट मिला। अब तू वर्ष भर की चौथ का व्रत नियमपूर्वक करना तो तेरा पति जीवित हो जाएगा। उसने इंद्राणी के कहे अनुसार चौथ व्रत किया तो पुनः सौभाग्यवती हो गई। द्रोपदी ने यह व्रत किया और अर्जुन सकुशल मनोवांछित फल प्राप्त कर वापस लौट आए। कहते हैं इस प्रकार यदि कोई मनुष्य छल-कपट, अहंकार, लोभ, लालच को त्याग कर श्रद्धा और भक्तिभाव पूर्वक चतुर्थी का व्रत को पूर्ण करता है तो वह जीवन में सभी प्रकार के दुखों और क्लेश से मुक्त होता है और सुखमय जीवन व्यतीत करता है। देश में चौथ माता का सबसे अधिक ख्याति प्राप्त मंदिर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा गांव में है। चौथ माता के नाम पर इस गांव का नाम बरवाड़ा से चौथ का बरवाड़ा पड़ गया है। यहां के चौथ माता मंदिर की स्थापना महाराजा भीमसिंह चौहान ने करवाई थी।

Tags: Karwa Chauth 2022News1India
Share197Tweet123Share49

Web Desk

Related Posts

इंडोनेशिया में पीएम मोदी ने किया ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दर्शन,भारत-इंडोनेशिया ने सांस्कृतिक रिश्तों को दी नई मजबूती

Allahabad High Court का बड़ा फैसला, कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल की पत्नी को मिलेंगे 50 लाख रुपये

by SYED BUSHRA
जुलाई 9, 2026

Allahabad High Court Judgment: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए जान गंवाने वाले...

UP IPS Transfer News

UP News :लखनऊ पुलिस में बड़े बदलाव की तैयारी, कई आईपीएस अफसरों की बदलेगी जिम्मेदारी

by SYED BUSHRA
जुलाई 9, 2026

UP Police IPS Transfer: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में जल्द ही बड़े स्तर पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई...

Lucknow Coaching Centre Fire Accident

Aliganj Fire Case: 15 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आई इमारत पर एलडीए की कार्रवाई को लेकर अदालत आज सुनाएगी फैसला

by SYED BUSHRA
जुलाई 9, 2026

Aliganj Fire Case: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की मौत के बाद विवादों में आई अवैध...

Argentina vs Egypt: अर्जेंटीना से हार के बाद इजिप्ट के कोच का फूटा गुस्सा, क्या रेफरी के विवादित फैसले ने मैच का रुख बदला

Argentina vs Egypt: अर्जेंटीना से हार के बाद इजिप्ट के कोच का फूटा गुस्सा, क्या रेफरी के विवादित फैसले ने मैच का रुख बदला

by Kirtika Tyagi
जुलाई 8, 2026

Argentina vs Egypt FIFA World Cup 2026: Argentina के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की...

shreyas reaction : कप्तान ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी दोनों को ठहराया जिम्मेदार, नए सिरे से बनेगी रणनीति, गलतियों से सीख , करेंगे दमदार वापसी

shreyas reaction : कप्तान ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी दोनों को ठहराया जिम्मेदार, नए सिरे से बनेगी रणनीति, गलतियों से सीख , करेंगे दमदार वापसी

by Kirtika Tyagi
जुलाई 8, 2026

India vs England 3rd T20:इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में 125 रन की बड़ी हार...

Next Post

Bharat Jodo Yatra: यात्रा में राहुल गांधी के साथ चल रहे बच्चों पर NCPCR ने उठाए सवाल, कांग्रेस के इस मंच को लेकर EC को लिखा पत्र

स्कूटी सवार मां-बेटे को कार सवार ने मारी टक्कर, गाली-गलौज करने पर महिला ने आरोपी को जमकर धुना

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist