आज के समय में Inverter Battery लगभग हर घर की जरूरत बन चुकी है, खासकर उन इलाकों में जहां बिजली कटौती ज्यादा होती है। गर्मियों के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के कारण पावर कट भी अधिक होने लगते हैं, जिससे इन्वर्टर बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
ऐसे में अगर बैटरी की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो उसकी परफॉर्मेंस तेजी से गिरने लगती है और बैकअप भी कम हो जाता है। हालांकि कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपनी इन्वर्टर बैटरी की लाइफ काफी बढ़ा सकते हैं।
सही जगह पर रखें इन्वर्टर
इन्वर्टर बैटरी को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखना चाहिए। चार्जिंग के दौरान बैटरी गर्म होती है और अगर उसके आसपास हवा का सही प्रवाह नहीं होगा तो ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ सकता है।
सीधी धूप या बंद कमरे में बैटरी रखने से उसकी क्षमता तेजी से घट सकती है। इसलिए ऐसी जगह चुनें जहां वेंटिलेशन अच्छा हो।
समय-समय पर पानी जरूर चेक करें
लीड-एसिड और ट्यूबलर बैटरियों में डिस्टिल्ड वॉटर का सही स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। सामान्य तौर पर हर 30 से 45 दिन में पानी जांचने की सलाह दी जाती है, जबकि गर्मियों में यह जांच और जल्दी करनी पड़ सकती है।
ध्यान रखें कि बैटरी में केवल डिस्टिल्ड वॉटर ही डालें। नल या बारिश का पानी इस्तेमाल करने से बैटरी खराब हो सकती है।
ओवरलोडिंग से बचाएं
इन्वर्टर पर जरूरत से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चलाने से बैटरी जल्दी खराब हो सकती है। AC, हीटर, आयरन या भारी मोटर वाले उपकरण बैटरी पर अधिक दबाव डालते हैं।
बिजली कटने पर केवल जरूरी चीजें जैसे पंखा, LED लाइट और Wi-Fi ही चलाना बेहतर माना जाता है। इससे बैकअप समय भी बढ़ता है।
बैटरी टर्मिनल की सफाई करें
समय के साथ बैटरी टर्मिनल पर जंग या सफेद-हरे रंग की परत जमने लगती है, जिससे करंट फ्लो प्रभावित होता है।
विशेषज्ञ महीने या दो महीने में टर्मिनल साफ करने की सलाह देते हैं। बेकिंग सोडा और पानी के मिश्रण से सफाई करने के बाद हल्की पेट्रोलियम जेली लगाने से जंग बनने की संभावना कम हो जाती है।
बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें
बार-बार बैटरी को पूरी तरह खाली करना उसकी लाइफ कम कर सकता है। इसे डीप डिस्चार्ज कहा जाता है।
बैटरी को पूरी तरह खत्म होने से पहले चार्ज कर देना बेहतर माना जाता है, क्योंकि लगातार डीप डिस्चार्ज से बैटरी प्लेट्स कमजोर पड़ने लगती हैं।
एनर्जी एफिशिएंट उपकरण अपनाएं
LED Bulb, BLDC पंखे और कम बिजली खपत वाले उपकरण इन्वर्टर बैटरी पर कम लोड डालते हैं। इससे बैकअप समय बढ़ता है और बैटरी की उम्र भी लंबी होती है।







