Lucknow Crime: लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से 21 मई को लापता हुई एक अस्पताल कर्मी की बेटी का लगभग 20 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बेटी की तलाश में भटक रहे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर मंगलवार को युवती के पिता पीजीआई थाने पहुंचे, जहां उनकी भावुक स्थिति देखकर मौजूद लोग भी परेशान हो गए।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले युवक ने उसका जबरन धर्मांतरण कराया है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी बेटी को विदेश भी ले जा सकता है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से आरोपी के निशाने पर थी और उसे लगातार परेशान किया जा रहा था।
पहले भी की गई थीं शिकायतें
परिवार के अनुसार, आरोपी इरशाद अली पीजीआई परिसर में जीव-जंतु पकड़ने का काम करता था। इसी दौरान उसका परिवार से संपर्क हुआ। पिता का आरोप है कि आरोपी ने उनकी बेटी की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उसे ब्लैकमेल किया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस ने विदेश ले जाने की बात को बताया निराधार
पिता द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस ने विदेश ले जाने संबंधी आशंकाओं को निराधार बताया है। पुलिस उपायुक्त दक्षिण अमित कुमार आनंद ने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और युवती की तलाश के लिए चार विशेष टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा अन्य एजेंसियों की मदद से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
नर्सिंग एसोसिएशन आया परिवार के समर्थन में
मामले को लेकर पीजीआई और चिकित्सा संस्थान के कर्मचारियों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। परिवार के समर्थन में नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मंगलवार शाम पीजीआई थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से युवती की जल्द बरामदगी की मांग करते हुए मामले में तेजी से कार्रवाई करने की अपील की।
जांच जारी, परिवार को इंतजार
फिलहाल पुलिस आरोपी और लापता युवती की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी बेटी सुरक्षित मिल जाएगी। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण प्रगति सामने आ सकती है।









