Sanjay Gupta on Siya Goyal Case: फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने केतन अग्रवाल मामले की आरोपी सिया गोयल को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस छिड़ गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में जांच पूरी होने और सभी सबूत सामने आने से पहले किसी को दोषी मान लेना सही नहीं है। संजय गुप्ता ने लोगों से अपील की कि सिया गोयल के साथ वही रवैया न अपनाया जाए, जो कुछ साल पहले अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के साथ देखने को मिला था।
सोशल मीडिया पर लिखा पोस्ट
संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह न तो किसी का समर्थन कर रहे हैं और न ही किसी को निर्दोष या दोषी बता रहे हैं। उनका कहना था कि वह सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि किसी भी व्यक्ति पर बिना पूरी जांच के फैसला नहीं सुनाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि देश पहले भी टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर चलने वाला मीडिया ट्रायल देख चुका है, जहां सबूत आने से पहले ही लोगों ने अपनी राय बना ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है जैसे समाज ने उस घटना से कोई सीख नहीं ली।
यूजर्स ने जताई नाराजगी
संजय गुप्ता की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा कि वह हर बार किसी भी बहस का गलत पक्ष चुन लेते हैं और उन्हें ऐसी तुलना करने से बचना चाहिए।
एक दूसरे यूजर ने लिखा कि सिया गोयल के खिलाफ कई बातें सामने आ चुकी हैं। उसके अनुसार, अगर वह अपने रिश्ते से खुश नहीं थीं तो अलग हो सकती थीं, लेकिन किसी की जान लेने का रास्ता नहीं चुनना चाहिए था।
एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि रिया चक्रवर्ती और सिया गोयल के मामलों की तुलना कैसे की जा सकती है। उसने कहा कि अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, सिया अपने मंगेतर के साथ उस जगह पर मौजूद थीं, जहां से कथित तौर पर उन्हें खाई में धक्का दिया गया था। इसलिए दोनों मामलों को एक जैसा बताना सही नहीं है।
रिया चक्रवर्ती का मामला फिर चर्चा में
साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद रिया चक्रवर्ती लगातार सुर्खियों में रहीं। उन पर कई तरह के आरोप लगाए गए और टीवी चैनलों से लेकर सोशल मीडिया तक उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में कथित ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। उस समय मीडिया ट्रायल को लेकर पूरे देश में लंबी बहस हुई थी।
क्या है केतन अग्रवाल मामला
केतन अग्रवाल मामले में शुरुआत में यह माना गया था कि 18 जून को लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान पहाड़ी से गिरने की वजह से उनकी मौत हुई। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को हत्या की आशंका होने लगी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस कथित साजिश में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका हो सकती है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम सच जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।









