Javelin Battle at Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा एक बार फिर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। नीरज ने आखिरी बार 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी उनसे गोल्ड की उम्मीद है, लेकिन मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा कठिन माना जा रहा है। क्वालिफाइंग राउंड में 18 एथलीट हिस्सा लेंगे, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ 12 खिलाड़ी फाइनल में जगह बनाएंगे।
रुमेश थरंगा सबसे बड़ी चुनौती
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उन्हें नीरज के सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों में गिना जा रहा है। उन्होंने इस सीजन में 92.69 मीटर का विश्व का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इससे पहले दियागामा, किप कीनो क्लासिक और दोहा डायमंड लीग में भी उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। 2025 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले श्रीलंकाई पुरुष जैवलिन थ्रोअर बनने के साथ-साथ उन्होंने दक्षिण एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया था। उनकी मौजूदा लय नीरज के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
अरशद नदीम भी दावेदार
पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार हैं। वह मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन हैं और उनके नाम बर्मिंघम गेम्स का 90.18 मीटर का रिकॉर्ड भी दर्ज है। भारत और पाकिस्तान के इन दोनों स्टार खिलाड़ियों की भिड़ंत का क्रिकेट की तरह ही खेल प्रेमियों को बेसब्री से इंतजार रहता है। यदि दोनों खिलाड़ी अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में रहे तो मुकाबला बेहद रोमांचक हो सकता है।
दिग्गजों से भरा होगा मुकाबला
इस प्रतियोगिता में केवल नीरज, अरशद और रुमेश ही नहीं, बल्कि ग्रेनेडा के विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स, केन्या के जूलियस येगो, त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्न वालकॉट और ऑस्ट्रेलिया के कैमरून मैकएंटायर जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। भारत की ओर से नीरज चोपड़ा के अलावा रोहित यादव और यश वीर सिंह भी चुनौती पेश करेंगे। ऐसे में फाइनल तक पहुंचने के लिए हर खिलाड़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
गोल्ड पर भारत की नजर
भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीदें एक बार फिर नीरज चोपड़ा पर टिकी हैं। अगर वह अपनी लय बरकरार रखते हैं तो भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीत सकते हैं। हालांकि इस बार रुमेश थरंगा, अरशद नदीम और एंडरसन पीटर्स जैसे दिग्गजों की मौजूदगी मुकाबले को बेहद कठिन बना रही है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का जैवलिन फाइनल टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक होने की उम्मीद है।








