Maithili Sharan Gupt Jayanti:’राष्ट्रकवि’ और ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर सोमवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। हिंदी साहित्य के महान कवि का जन्म 3 अगस्त 1886 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में हुआ था। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनके साहित्यिक योगदान और राष्ट्रप्रेम को याद किया।
सीएम योगी ने साझा की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि मैथिलीशरण गुप्त ने हिंदी साहित्य को राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं की अमर वाणी दी। उन्होंने कहा कि गुप्त जी के शब्द आने वाली पीढ़ियों को सत्य, त्याग और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
कई मुख्यमंत्रियों ने किया याद
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रकवि की कालजयी रचनाएं सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती रहेंगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें हिंदी साहित्य का गौरव बताते हुए कहा कि उनकी लेखनी आज भी राष्ट्रचेतना और कर्तव्यबोध का संदेश देती है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त ने खड़ी बोली हिंदी को काव्य की सशक्त अभिव्यक्ति दी और अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम एवं भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाया। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें भारतीय साहित्य और राष्ट्रचेतना का अमर स्वर बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
हिंदी साहित्य के अमर हस्ताक्षर
मैथिलीशरण गुप्त को आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख स्तंभों में गिना जाता है। उनकी रचनाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना, भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों की गहरी छाप दिखाई देती है। उनकी कृतियां आज भी साहित्य प्रेमियों और युवाओं को प्रेरित करती हैं।









