LPG Rules From 1 September: 1 सितंबर से एलपीजी उपभोक्ताओं से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। अगर आपके घर में घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है तो इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है। नए नियमों का असर एलपीजी कनेक्शन, सिलेंडर की बुकिंग और गैस की कीमतों पर पड़ सकता है। खास तौर पर e-KYC को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं सरकार घरेलू रसोई गैस के साथ पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
e-KYC जरूरी
एलपीजी e-KYC कराने की अंतिम तारीख पहले 23 अगस्त निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी e-KYC पूरी नहीं की है। ऐसे में जिन ग्राहकों ने तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनके कनेक्शन पर कार्रवाई हो सकती है। तेल मंत्रालय की ओर से पहले बताया गया है कि e-KYC पूरी नहीं होने पर एलपीजी कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू सब्सिडी वाली दर के बजाय व्यावसायिक दर पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है।
PNG को बढ़ावा
सरकार घरेलू रसोई में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। तेल मंत्रालय ने घरेलू PNG कनेक्शनों के विस्तार के लिए प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है, जिसे 1 सितंबर से लागू किए जाने की बात कही गई है। इस योजना के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को नए घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को पाइप के जरिए सुरक्षित और सुविधाजनक खाना पकाने की गैस उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सिलेंडर के दाम
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा आम तौर पर हर महीने की शुरुआत में की जाती है। इसलिए 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बदलाव की संभावना रहती है। फिलहाल 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941 रुपये और नोएडा में 939 रुपये बताई गई है। नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं के मासिक घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
बुकिंग का अंतराल
एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच अंतर को लेकर भी नियम लागू हैं। मध्य पूर्व में तनाव के दौरान गैस आपूर्ति को देखते हुए रिफिल बुकिंग के बीच निर्धारित अंतर रखा गया था। शहरी क्षेत्रों में करीब 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 45 दिन का अंतर बताया गया है। इसका मतलब है कि उपभोक्ता पिछला सिलेंडर बुक करने के तुरंत बाद अगला रिफिल नहीं करा सकेंगे। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों और स्थानीय व्यवस्था के अनुसार नियमों की स्थिति अलग हो सकती है।
PNG लेने पर विकल्प
जिन घरेलू ग्राहकों को PNG कनेक्शन मिल जाता है, उनके लिए एलपीजी कनेक्शन बंद कराने से जुड़ा 30 दिन का प्रावधान भी बताया गया है। यह नियम इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस जैसे घरेलू एलपीजी कनेक्शनों पर लागू हो सकता है। यानी PNG कनेक्शन मिलने के बाद ग्राहक को अपना मौजूदा एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के लिए 30 दिन की अवधि मिल सकती है। इसलिए 1 सितंबर से पहले उपभोक्ताओं को अपने e-KYC, गैस बुकिंग और कनेक्शन से जुड़े नियमों की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।







