Firecracker Factory Blast: प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग लगते ही वहां रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक लगातार विस्फोट होते रहे। इस दौरान कई आसपास के मकान भी ढह गए और इलाके में धुएं का गुबार छा गया।
5 की मौत
हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना सामने आई है, जबकि 22 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं। प्रशासन का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने और मलबा हटने के बाद ही मृतकों और घायलों की सही संख्या स्पष्ट हो पाएगी।
आसपास भी नुकसान
बताया गया है कि जिस मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे, वह बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित था। इसी मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं। सोमवार दोपहर अचानक यहां से धुआं उठता दिखाई दिया। ग्रामीण मौके की तरफ दौड़े, लेकिन कुछ ही देर में पटाखों में धमाके शुरू हो गए। पास में बूंदी का कारखाना और आटा चक्की भी है। हादसे के समय बूंदी कारखाने में पांच और आटा चक्की में छह लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस फायर टीम
घटना की जानकारी मिलते ही पूरामुफ्ती और पिपरी थाने की पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुट गए। धमाकों के कारण बचाव अभियान में भी काफी मुश्किलें आईं। स्थिति नियंत्रित होने के बाद बुलडोजर की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। कौशांबी के डीएम और एसपी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
कारण की जांच
एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता ने बताया कि पुलिस और राहत टीम मौके पर है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही घटना की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल हादसे की वजह का पता लगाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि मकान में पटाखे बनाने और रखने की अनुमति थी या नहीं। प्रशासन आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रहा है। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले भरवारी में भी पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से तीन लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।










