Rajpal Yadav Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्देश दिया कि राजपाल यादव को निर्धारित राशि रजिस्ट्री में जमा करनी होगी। यदि वह राशि समय पर जमा कर दी जाती है, तो फिलहाल उन्हें जेल जाने से राहत मिलेगी।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अभिनेता निर्धारित समय में 5 करोड़ रुपये जमा कर पाते हैं या नहीं।
हाई कोर्ट ने 10 सितंबर तक सरेंडर को कहा था
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें 10 सितंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि केवल अभिनेता या सार्वजनिक शख्सियत होने के आधार पर किसी व्यक्ति को कानून के तहत विशेष रियायत नहीं दी जा सकती।
हाई कोर्ट ने राजपाल यादव से जुड़े सात मामलों में प्रत्येक में तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी। ये सजाएं एक साथ चलनी थीं। इसके अलावा प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव पर भी प्रत्येक मामले में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
2010 की फिल्म से जुड़ा है विवाद
यह विवाद वर्ष 2010 में राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए लिए गए कर्ज से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बनाने के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे।
भुगतान में विवाद और ब्याज जुड़ने के बाद देनदारी बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। राजपाल यादव अब तक कंपनी को करीब 4.25 करोड़ रुपये चुका चुके हैं, लेकिन बाकी रकम और जुर्माने को लेकर कानूनी विवाद जारी रहा।
आर्थिक संकट का भी किया था जिक्र
हाई कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए मदद की अपील की थी। इसके बाद कुछ लोगों ने उनकी सहायता की। भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के CMD उपेंद्र राय ने भी उन्हें 25 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की थी।
अब इस मामले में अगली बड़ी तारीख 15 सितंबर है, जब सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा।







