Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पारिवारिक कलह के चलते मां-बेटे की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के शांतिनगर मोहल्ले में सोमवार को 50 वर्षीय जितेंद्र शर्मा ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। बेटे को जहरीला पदार्थ खाते देखकर उसकी 80 वर्षीय मां सुशीला ने भी वही पदार्थ खा लिया। दोनों की हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मौसी से पैसे मांगने पर विवाद
पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र शर्मा सोमवार को अपनी मौसी से पैसे मांग रहे थे। इसी बात को लेकर उनकी अपनी मां सुशीला से कहासुनी हो गई। मां ने बेटे को मौसी से पैसे मांगने पर डांट दिया। विवाद के बाद जितेंद्र ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।
बेटे को ऐसा करते देख बुजुर्ग मां ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान मौत
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही। उपचार के दौरान मां-बेटे की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
नई मंडी कोतवाली के थाना प्रभारी आनंद देव मिश्रा के अनुसार, जितेंद्र शर्मा नशे के आदी थे। पुलिस ने घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
20 साल से रह रह थे साथ
जितेंद्र शर्मा मूल रूप से शामली के रहने वाले थे और पिछले करीब 20 वर्षों से अपनी बुजुर्ग मां सुशीला के साथ मुजफ्फरनगर के शांतिनगर में रह रहे थे। जितेंद्र अविवाहित थे। मां-बेटे दोनों घर में साथ रहते थे।
घटना के समय शामली में परिवार और रिश्तेदार एक पारिवारिक समारोह में शामिल थे। वहां खुशियों का माहौल था, लेकिन मुजफ्फरनगर से मां-बेटे की मौत की खबर पहुंचते ही समारोह का माहौल मातम में बदल गया।
खुशियां मातम में बदलीं
मौत की सूचना मिलते ही शामली में मौजूद परिजन मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए। उनके पहुंचने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां और बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
पुलिस कार्रवाई से इनकार
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। देर शाम पुलिस ने दोनों शवों के पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
पुलिस के अनुसार, परिजनों ने मामले में किसी तरह की पुलिस कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद आवश्यक लिखापढ़ी पूरी कर दोनों शव परिवार के सुपुर्द कर दिए गए।









