Prayagraj hotel massive fire incident:उत्तर प्रदेश के Prayagraj से सोमवार को एक बड़ी घटना सामने आई। सिविल लाइंस इलाके में स्थित Bitthal Hotel में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के कारण इधर-उधर भागने लगे। जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब दो बजे होटल के निचले हिस्से से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और होटल के कई हिस्से उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही देर में आसपास की इमारतों तक भी आग और धुएं का असर दिखाई देने लगा।
होटल के अंदर मचा डर और चीख-पुकार
आग लगने के समय होटल के अंदर कई लोग मौजूद थे। अचानक धुआं फैलने से लोगों में घबराहट फैल गई। कई लोग मदद के लिए चिल्लाते नजर आए। महिलाएं और बच्चे काफी डरे हुए दिखाई दिए। होटल के बाहर भी लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पूरे इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए। आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग भी डर के कारण अपने प्रतिष्ठान छोड़कर बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को फोन किया। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर भी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग लगातार बढ़ती चली गई। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव का काम तेजी से शुरू कर दिया गया। पुलिस ने इलाके को खाली करवाया, ताकि दमकल की गाड़ियों को रास्ता मिल सके।
दमकल विभाग लगातार चला रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। फायर कर्मी लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। होटल की ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, दमकल विभाग की टीम होटल के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि होटल के अंदर करीब 12 लोग फंसे हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
फिलहाल आग लगने की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। राहत टीम होटल के हर कमरे की जांच कर रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर फंसा न रह जाए। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी तैनात कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सबसे पहले लोगों की जान बचाना प्राथमिकता है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का सही अंदाजा लगाया जाएगा।



