Ben Stokes Retirement: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन अपने संन्यास का ऐलान किया। यह घोषणा चाय के ब्रेक से करीब 15 मिनट पहले की गई। अगले दिन इंग्लैंड को इस मुकाबले में 160 रन से हार का सामना करना पड़ा और टीम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 1-2 से हार गई। स्टोक्स के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा शुरू कर दी।
एंड्रयू स्ट्रॉस ने जताई नाराजगी
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने स्टोक्स के संन्यास लेने के फैसले के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को अपनी शर्तों पर क्रिकेट छोड़ने का पूरा अधिकार है और बेन स्टोक्स ने अपने शानदार करियर से यह सम्मान कमाया भी है। लेकिन उनका मानना है कि इस तरह की घोषणा मैच शुरू होने से पहले या मुकाबला खत्म होने के बाद करनी चाहिए थी। स्ट्रॉस के अनुसार, जब टीम मैदान पर संघर्ष कर रही हो, तब इस तरह की खबर खिलाड़ियों का ध्यान भटका सकती है और प्रदर्शन पर असर डाल सकती है।
हाल की घटनाओं का भी पड़ा असर
35 वर्षीय बेन स्टोक्स पिछले कुछ हफ्तों से कई घटनाओं को लेकर चर्चा में थे। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। इसके बाद वह एक साथी खिलाड़ी के साथ नाइटक्लब गए थे, जहां सुरक्षा टीम के एक सदस्य के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई थी। इस मामले के बाद अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के कारण स्टोक्स दूसरे टेस्ट से बाहर रहे। जांच पूरी होने के बाद उन्होंने तीसरे टेस्ट में वापसी की। स्टोक्स ने माना कि हाल की घटनाएं काफी दुर्भाग्यपूर्ण रहीं और संभव है कि इनका असर उनके संन्यास लेने के फैसले पर भी पड़ा हो।
कोच ने फैसला बदलने की कोशिश की
इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने बताया कि उन्होंने बेन स्टोक्स को अपना फैसला बदलने के लिए समझाने की कोशिश की थी। हालांकि, स्टोक्स तब तक पूरी तरह अपना मन बना चुके थे और अपने फैसले पर कायम रहे। मैकुलम ने कहा कि यह खबर सुनकर उन्हें काफी दुख हुआ, क्योंकि पिछले चार वर्षों में दोनों ने साथ मिलकर कई यादगार पल बिताए। उन्होंने स्टोक्स को सिर्फ एक शानदार खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अपना करीबी दोस्त भी बताया।
शानदार करियर को कहा अलविदा
बेन स्टोक्स ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक पारियां और मैच जिताऊ प्रदर्शन किए। इंग्लैंड की कई बड़ी जीत में उनकी अहम भूमिका रही। उनके संन्यास से इंग्लैंड क्रिकेट को बड़ा झटका माना जा रहा है। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि टीम उनकी जगह किस खिलाड़ी को तैयार करती है और आने वाले समय में इंग्लैंड की टीम इस बदलाव से कैसे उबरती है।




