Gautam Gambhir : भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि उनका काम सभी को खुश रखना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसले लेना है। रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले के बाद गंभीर ने कहा कि वह लोकप्रिय फैसले लेने के बजाय वही निर्णय करते हैं, जो टीम के लिए जरूरी होते हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में ज्यादा मौके नहीं मिल रहे हैं। क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा है कि शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव को प्लेइंग इलेवन में कब नियमित मौका मिलेगा।
वैभव को क्यों नहीं मिल रहा मौका?
भारतीय टीम के पास इस समय युवा खिलाड़ियों की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज को भी शीर्ष क्रम में जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
इसकी बड़ी वजह संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन है। दोनों बल्लेबाज शीर्ष क्रम में अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। इसी जोड़ी ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में भी अहम योगदान दिया था।
ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने अनुभवी और सफल खिलाड़ियों को बनाए रखने के साथ युवा प्रतिभाओं को मौका देने की चुनौती है।
लोकप्रियता नहीं टीम की जीत जरूरी
गौतम गंभीर ने अपने बयान से साफ संकेत दिया कि टीम चयन और खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला लोकप्रियता के आधार पर नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, कोच की जिम्मेदारी ऐसे फैसले लेना है, जो टीम के लिए सही हों, भले ही वे सभी लोगों को पसंद न आएं।
भारतीय टीम में इस समय कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में गंभीर की चयन नीति और खिलाड़ियों को मौका देने के तरीके पर आगे भी चर्चा जारी रहने की संभावना है।





















