Age Debate: विश्व क्रिकेट में इन दिनों युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की खूब चर्चा हो रही है। सिर्फ 15 साल की उम्र में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया है। वैभव जिस तरह बड़े और अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ होकर शॉट लगाते हैं, उसे देखकर कई बार उनकी उम्र को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है।
टीम इंडिया में जगह
वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू कर चुके हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में उन्हें तीन मैच खेलने का मौका मिला। इसके साथ ही वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। इतनी छोटी उम्र में मिली इस उपलब्धि ने उन्हें दुनियाभर में चर्चा का विषय बना दिया है।
ब्रेट ली की राय
ब्रेट ली ने कहा कि वैभव की उम्र 15, 16, 17 या 18 साल हो, असली बात यह है कि वह बड़े स्तर पर क्रिकेट खेलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने बीयर बाइसेप्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत से बाहर के लोग उनकी उम्र को लेकर सवाल करते रहेंगे। लेकिन अगर वह 15 साल के हैं तो यह शानदार बात है और अगर उनकी उम्र 17 या 18 साल भी है, तब भी इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
ब्रेट ली ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि वह क्रिकेट खेलना जानते हैं और भारत के लिए एक बेहतरीन खोज हैं। उनके मुताबिक, वैभव आने वाले समय में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैभव पर उम्र को लेकर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहिए और उन्हें अपना खेल खुलकर खेलने देना चाहिए।
IPL में दिखाया दम
ब्रेट ली ने वैभव के आईपीएल प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैभव पहले ही आईपीएल में अपनी काबिलियत दिखा चुके हैं। हैदराबाद के खिलाफ उनकी 97 रन की पारी खास रही थी। इस मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की तेज गेंदों का सामना बेहद आसानी से किया और शानदार शॉट लगाए।
ली के मुताबिक, वैभव की बल्लेबाजी सिर्फ अच्छी फॉर्म का नतीजा नहीं है। उनके दिमाग में खेल को समझने और सही समय पर शॉट लगाने की क्षमता है। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि वैभव को अभी बच्चा ही रहने देना चाहिए और उन पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का दबाव नहीं डालना चाहिए।
आगे बड़ी उम्मीदें
वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने साबित किया है कि उनमें बड़े स्तर पर खेलने की क्षमता है। अब उनके लिए सबसे जरूरी होगा कि वह बिना दबाव के अपने खेल पर ध्यान दें।









