India Women Test Victory at Lord’s: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो हमेशा क्रिकेट इतिहास में याद रखा जाएगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन के बड़े अंतर से हराकर लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच को अपने नाम कर लिया। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान के 142 साल के इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट था और भारत ने इसे यादगार जीत में बदल दिया।
40 साल पुरानी याद भी हुई ताजा
इस जीत के साथ 1986 की एक पुरानी घटना भी चर्चा में आ गई। उस समय भारतीय महिला टीम की कप्तान डायना एडुल्जी को लिंग आधारित नियमों का हवाला देकर लॉर्ड्स के पवेलियन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। डायना एडुल्जी ने इसका विरोध भी किया था। अब चार दशक बाद उसी मैदान पर भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को हराकर इतिहास रच दिया और अपने प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
पहले दिन से भारत का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया। पहली पारी में स्मृति मंधाना ने 83 रन बनाए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 और दीप्ति शर्मा ने 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इन पारियों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए और मजबूत स्थिति हासिल कर ली।
क्रांति गौड़ और यस्तिका भाटिया ने पलटा मैच
भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर इंग्लैंड को 170 रन पर समेट दिया और लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। दूसरी पारी में स्मृति मंधाना ने 70 रन बनाए, जबकि यस्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन की शतकीय पारी खेलकर भारत की बढ़त को और मजबूत किया। अंत में ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन बनाकर टीम का स्कोर 456 रन की बढ़त तक पहुंचा दिया।
स्नेह राणा की फिरकी में फंसा इंग्लैंड
457 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय स्पिनरों के सामने टिक नहीं सकी। ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 42 रन देकर चार विकेट लिए। वहीं दीप्ति शर्मा, सयाली सतघरे और क्रांति गौड़ ने दो-दो विकेट हासिल किए। इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर सिमट गई। एमी जोन्स ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए, जबकि सोफी एकलेस्टोन ने 50 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सकीं।
इंग्लैंड में अब भी अजेय भारत
यह इंग्लैंड की धरती पर भारतीय महिला टीम का 11वां टेस्ट मैच था और टीम अब भी इस प्रारूप में अजेय है। पिछले 11 टेस्ट मैचों में भारत ने सात मुकाबले जीते हैं, तीन ड्रॉ रहे हैं और सिर्फ एक मैच गंवाया है। लॉर्ड्स में मिली यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
क्रांति गौड़ बनीं प्लेयर ऑफ द मैच
अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर पहली पारी में पांच और पूरे मैच में अहम विकेट लेने वाली क्रांति गौड़ को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके प्रदर्शन ने भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।


