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Ind vs Zim T20 : वैभव ने मचाया धमाल , तूफानी फिफ्टी जड़कर भारत को दिलाई शानदार जीत, श्रेयस ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड

Record Knock: भारतीय क्रिकेट को एक और युवा सनसनी मिल गई है। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट खेल रहे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मुकाबले में ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर भारत की जीत की नींव रख दी। उनकी तूफानी पारी के दम पर टीम इंडिया ने 126 रन का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। वैभव की बल्लेबाजी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर चर्चा होने लगी और क्रिकेट फैंस उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया ‘वंडर बॉय’ बताने लगे।

गेंदबाजों का दबदबा

मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने इस फैसले को सही साबित करते हुए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। मेजबान टीम ने 20 ओवर में सात विकेट खोकर 125 रन बनाए। वेस्ली मधेवेरे ने 39, तादीवानाशे मारुमानी ने 27 और रयान बर्ल ने 29 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। भारत की ओर से मयंक यादव और प्रिंस यादव ने शानदार गेंदबाजी की। दोनों ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। मयंक ने चार ओवर में केवल 18 रन देकर दो विकेट चटकाए। भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई लाइन-लेंथ के सामने जिम्बाब्वे की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

वैभव का तूफान

126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी ने बेहद आक्रामक शुरुआत दिलाई। उन्होंने पहली ही गेंद से जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। पावरप्ले में उन्होंने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट लगाए और विपक्षी टीम की रणनीति को पूरी तरह बेअसर कर दिया। वैभव ने अपनी शुरुआती 11 गेंदों में ही 31 रन ठोक दिए। इसके बाद अगले सात गेंदों में 19 रन बनाकर उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वह 19 गेंदों पर 50 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी में उन्होंने चार चौके और चार छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 263.16 रहा। वैभव के आउट होने के बाद ईशान किशन ने 35 और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 28 रन की उपयोगी पारी खेलकर भारत को जीत तक पहुंचा दिया।

हरारे से खास रिश्ता

हरारे का मैदान वैभव सूर्यवंशी के लिए पहले से ही बेहद खास रहा है। इसी मैदान पर उन्होंने इसी साल अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। करीब पांच महीने बाद उसी मैदान पर उन्होंने सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वैभव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों में 14, 13 और 15 रन बनाए थे। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी यह पारी आलोचकों को जवाब देने वाली रही। उन्होंने साबित किया कि असफलता के बाद वापसी करने का जज्बा भी उनमें मौजूद है।

श्रेयस का रिकॉर्ड

भारत की जीत के साथ सात टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से चला आ रहा हार का सिलसिला भी खत्म हो गया। हालांकि, इस मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ। बतौर कप्तान श्रेयस ने लगातार सात मुकाबलों में टॉस जीता, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। आठवें मुकाबले में जाकर यह सिलसिला खत्म हुआ। इस मामले में उनसे पहले बुल्गारिया के कप्तान प्रकाश मिश्रा का नाम आता है, जिन्होंने 2021 में लगातार सात मैचों में टॉस जीतने के बावजूद एक भी मुकाबला नहीं जीता था। अर्जेंटीना के कप्तान हर्नान फेनेल भी 2021 से 2023 के बीच लगातार छह मैचों में टॉस जीतकर जीत हासिल नहीं कर सके थे। हालांकि भारत के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के साथ टीम ने हार का सिलसिला तोड़ा और वैभव सूर्यवंशी के रूप में भविष्य का एक बड़ा सितारा भी दुनिया के सामने पेश किया।

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