Cyber Crime: देश में ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए इंटरनेशनल नंबरों का सहारा ले रहे हैं। सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को विदेशी कोड वाले संदिग्ध कॉल्स से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक +92, +84, +62, +60 और कुछ अन्य विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।
खुद को अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं ठग
साइबर अपराधी कॉल करके खुद को बैंक कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, CBI अफसर, TRAI अधिकारी या कूरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं। कई मामलों में लोगों को यह कहकर डराया जाता है कि उनके आधार कार्ड या मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल पर जोड़कर नकली पुलिस स्टेशन या सरकारी दफ्तर जैसा माहौल दिखाया जाता है ताकि सामने वाला व्यक्ति डर जाए और उनकी बातों में आ जाए।
OTP और UPI PIN मांगकर करते हैं फ्रॉड
विशेषज्ञों के अनुसार ठग पहले व्यक्ति की निजी जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद वे OTP, बैंक डिटेल, ATM नंबर या UPI PIN मांगते हैं। कई बार वे स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं। जैसे ही यूजर गलती करता है, कुछ ही मिनटों में उसके बैंक खाते से रकम गायब हो सकती है।
सरकार ने लोगों को दी ये अहम सलाह
सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान इंटरनेशनल नंबर पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताता है तो उसकी पहचान आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जरूर जांचें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और फोन पर बताए गए ऐप डाउनलोड करने से बचें।
शिकायत के लिए तुरंत करें ये काम
अगर किसी को ऐसी संदिग्ध कॉल आती है तो उसे तुरंत ब्लॉक करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। मोबाइल में स्पैम कॉल फिल्टर और सिक्योरिटी फीचर ऑन रखने की सलाह भी दी गई है।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिजिटल युग में जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध इंटरनेशनल कॉल को नजरअंदाज न करें और सतर्क रहें।
